Himachal News :हड़ताल पर बैठे जिला परिषद कैडर कर्मचारी , पंचायतों में कार्य ठप,बैठे कलम छोड़ो हड़ताल पर

Himachal News :हड़ताल पर बैठे जिला परिषद कैडर कर्मचारी , पंचायतों में कार्य ठप,बैठे कलम छोड़ो हड़ताल पर

Himachal News: शनिवार को हिमाचल प्रदेश की पंचायतों में कोई काम नहीं हुआ। रोजाना की तरह, लोग अलग-अलग कामों से पंचायतों में पहुंचे थे। लेकिन 4700 से अधिक जिला परिषद कॉडर कर्मचारियों के अनिश्चितकालीन हड़ताल से लोगों को बेरंग वापस लौटना पड़ा।पंचायतों में जन्म व मृत्यु, कृषक प्रमाण पत्र, बीपीएल सर्टिफिकेट, विवाह रजिस्ट्रेशन, परिवार नकल […]

Himachal News: शनिवार को हिमाचल प्रदेश की पंचायतों में कोई काम नहीं हुआ। रोजाना की तरह, लोग अलग-अलग कामों से पंचायतों में पहुंचे थे। लेकिन 4700 से अधिक जिला परिषद कॉडर कर्मचारियों के अनिश्चितकालीन हड़ताल से लोगों को बेरंग वापस लौटना पड़ा।पंचायतों में जन्म व मृत्यु, कृषक प्रमाण पत्र, बीपीएल सर्टिफिकेट, विवाह रजिस्ट्रेशन, परिवार नकल सब ठप रहे। मनरेगा के तहत आज से अलग-अलग काम भी नहीं हो पाए हैं। राज्य के 13 लाख से अधिक मनरेगा मजदूरों की दिहाड़ी के भुगतान में भी देरी हो सकती है। यदि राज्य सरकार इनकी मांगों को जल्द ही पूरा नहीं करती, तो यहाँ रहने वाले लोगों की समस्याएं बढ़ जाएंगी।

विभाग में शामिल होने की बढ़ती मांग

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दरअसल, जिला परिषद कर्मचारी पिछले दो दशक से विभाग में उनकी मर्जिंग की मांग कर रहे हैं। जिला परिषद कैडर कर्मचारी एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने कहा कि उनसे सौतेला व्यवहार किया गया है। इसलिए पूर्ववर्ती सरकार ने उन्हें नया पे स्केल भी नहीं दिया।इन्हें इससे पैसा हानि हो रहा है। उन्हें महंगाई भत्ता (DA) और एरियर भी नहीं मिला, जबकि दूसरे सभी कर्मचारियों को ये सुविधाएं मिली थीं। इनका दावा है कि कांग्रेस ने पिछले साल विधानसभा चुनाव में उनसे किया गया वादा भी भूल गया है।यही मांगों को लेकर जिला परिषद कैडर कर्मचारी पिछली सरकार में भी लंबे आंदोलन कर चुके हैं. लेकिन तब पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ने मौखिक रूप से कहा कि वे अपनी पेन डाउन स्ट्राइक खत्म कर देंगे। इनकी मांग वास्तव में पूरी नहीं की गई। उनका कहना था कि अनुबंध पॉलिसी के तहत दो वर्ष काम करने वाले कर्मचारियों को 31 मार्च और 30 सितंबर को रेगुलर किया जाएगा। लेकिन जिला परिषद कैडर के कर्मचारी भी रेगुलर नहीं हुए।

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90% कर्मचारी पंचायतों में जिला परिषद कैडर में

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प्रदेश की 3572 पंचायतों में 90% कर्मचारी जिला कैडर में कार्यरत हैं। विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान, 11 दिन पहले, उन्होंने सरकार को अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी थी। हालाँकि, इनकी मांग नहीं मानी गई।

ये कर्मचारी आज हड़ताल पर रहेंगे।

तकनीकी सहायक, सहायक अभियंता, कनिष्ठ अभियंता, पंचायत सचिव और जिला परिषद कैडर में सेवारत्त नए कर्मचारियों को जिला परिषद कैडर में भर्ती किया गया है, लेकिन इनमें से 10% पुराने कर्मचारी पंचायतीराज विभाग में हैं। इससे भी इनकी संख्या बढ़ती जाती है।

जिला परिषद अधिकारी एवं कर्मचारी महासंघ इकाई द्रंग स्थित पधर बैठे कलम छोड़ो हड़ताल पर
जिला परिषद कैडर कर्मचारी के अधिकारी व कर्मचारी की मांग को पूरा न होने से आहत होकर विकास खण्ड द्रंग के समस्त जिला परिषद अधिकारी व कर्मचारियों ने आज से खण्ड विकास अदिकारी कार्यालय के बाहर अनिश्चितकाल कलम छोड़ हडताल शुरू कर दी है। पधर खण्ड के अध्यक्ष रमेश कुमार सचिव किशोरी लाल ने बताया कि हम समस्त जिला परिषद कर्मचारी महासंघ ने विधानसभा सत्र के दौरान सरकार / विभाग को अपनी एक मात्र विभाग में विलय की मांग को समय अवधि से सम्बन्धित ज्ञापन दे दिया था वावजूद उसके सरकार द्वारा कोई भी ठोस निर्णय नहीं लिया गया। हम समस्त जिला परिषद कर्मचारी महासंघ सरकार से मांग करता है कि जल्द से जल्द हमारी एक मात्र मांग विभाग में विलय को पूरा किया जाए ताकि आम लोगों के कार्यों व पंचायत के विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की बाधा न आए। यदि सरकार हमारी मांग को समय पर नहीं मानती है और हमारी हडताल से जो भी विकास कार्यों व लोगों के कार्य पर दुष्प्रभाव पडता है तो उसके लिए सम्बन्धित विभाग व सरकार सम्पूर्ण रूप से उतरदायी होगी।

 

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