Chamba Pangi News: चंबा के जनजातीय क्षेत्र पांगी को जोड़ने वाले संसारी-कुल्लू-मनाली मार्ग पर कणू नाले में भारी भूस्खलन के कारण यातायात पूरी तरह ठप हो गया है। करीब 60 मीटर सड़क का नामोनिशान मिटने से 28 टैक्सियां और निजी वाहन बीच रास्ते में फंस गए हैं।
Chamba Pangi News: पांगी: हिमाचल प्रदेश के जिला चंबा के जनजातीय क्षेत्र पांगी का मुख्य संसारी-कुल्लू-मनाली सड़क मार्ग पर भारी भूस्खलन के चलते सड़क का 60 मीटर हिस्सा पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया है। यह घटना बीते दिन करबी 12 बजे की है। इस भूस्खनल के बाद पांगी की लाइफलाइन पूरी तरह से कट गई है। सड़क क्षतिग्रस्त होने के कारण सुगलवास और कडू नाला नामक स्थान पर करीब 28 टैक्सियां और निजी वाहन फंस गए। मार्ग अवरुद्ध होने से पांगी की ओर जाने वाले और वहां से आने वाले यात्रियों का संपर्क टूट गया है।
भूस्खलन के चलते पांगी से कुल्लू व कुल्लू से पांगी जा रहे करीब 40 से 50 यात्रियों को उस समय परेशानियों का सामना करना पड़ा जब कडू नाले में पहुंचकर सड़क बंद मिली। देरशाम तक इंतजार करने के बावजूद भी सड़क बहाल नहीं हो पाई। ऐसे में जो पांगी की ओर से गाडियां आई हुई थी वह वापिस पांगी के लिए लौट गई वहीं जो कुल्लू से आई हुई थी। उनमें कुछ वहान उदयपुर लौट गए। लेकिन देरशाम को पहुंची तीन गाडियों के करीब 20 लोगों को पूरी रात कडृ नाले में ही बितानी पड़ी। कड़ाके की ठंड और बारिश के बीच रात भर कोई सहायता नहीं पहुंची। मजबूरन यात्रियों, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे, को पूरी रात अपनी गाड़ियों में ही सिमटकर बितानी पड़ी। लोगों में इस बात को लेकर भारी रोष है कि इतने संवेदनशील मार्ग पर आपातकालीन स्थिति के बावजूद बीआरओ ने मुस्तैदी नहीं दिखाई।
कडू नाले में हुए भूस्खलन की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वहां सड़क का नामोनिशान पूरी तरह मिट चुका है। पहाड़ी का एक बड़ा हिस्सा दरकने से पैदल चलने लायक जगह भी नहीं बची है। स्थिति इतनी विकट है कि पांगी की ओर से 16 वाहन और कुल्लू की ओर से आने वाले 12 वाहन बीच रास्ते में फंसे हुए हैं। खबर लिखे जाने तक बीआरओ की मशीनरी मौके पर नहीं पहुंच सकी थी और मार्ग बहाली का कार्य शुरू नहीं हो पाया था।
इस बारे में जानकारी देते हुए एसडीएम पांगी अमनदीप सिंह ने बताया कि प्रशासन को जैसे ही भूस्खलन की जानकारी मिली, उदयपुर प्रशासन से संपर्क कर कुछ यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करवाया गया था। हालांकि, उन्होंने बताया कि जो गाड़ियां देर शाम या रात के समय कणू नाले के पास पहुंची थीं, उनके बारे में प्रशासन को समय पर जानकारी नहीं मिल पाई थी। उन्होंने आश्वासन दिया कि बीआरओ के अधिकारियों से लगातार संपर्क साधा जा रहा है ताकि युद्ध स्तर पर कार्य शुरू कर सड़क को बहाल किया जा सके। फिलहाल, पांगी के लोगों के लिए यह मार्ग एक बार फिर मुसीबत का सबब बना हुआ है।