धर्मशाला: हिमाचल प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन का माहौल पूरी तरह गरमाया रहा। विपक्षी विधायक अपने हाथों में Jungle Fowl (जंगली मुर्गा) के पोस्टर लेकर पहुंचे और नारे लगाए—"Sukhu Bhaiya, Sukhu Bhaiya, Jungle Murga Kisne Khaya?" इस मुद्दे पर भाजपा ने मुख्यमंत्री सुक्खू और उनकी सरकार को निशाने पर लिया।
भाजपा के वरिष्ठ नेता जयराम ठाकुर ने मीडिया से बातचीत में कहा कि जंगली मुर्गा खाने के आरोपों की जांच Wildlife Protection Act के तहत होनी चाहिए। उन्होंने मीडिया पर दर्ज एफआईआर को दुर्भाग्यपूर्ण बताया और कहा कि असली कार्रवाई उन लोगों पर होनी चाहिए जिन्होंने मुर्गे को मारा और खाया।
मुख्यमंत्री सुक्खू का जवाब और सदन की चर्चा
विधानसभा में इस मामले पर स्थगन प्रस्ताव लाया गया। विपक्ष ने corruption, evidence, governance, transparency, और accountability जैसे मुद्दों पर सत्ता पक्ष को घेरा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार भ्रष्टाचार पर चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है, लेकिन विपक्ष को ठोस सबूत पेश करने होंगे।
आज विधानसभा में 11 विधेयक चर्चा और पारण के लिए लाए गए। इनमें प्रमुख विधेयक थे:
लैंड सीलिंग एक्ट संशोधन: राधा स्वामी सत्संग ब्यास का मुद्दा
सुक्खू सरकार द्वारा लाया गया लैंड सीलिंग एक्ट संशोधन विधेयक चर्चा का केंद्र बना। यह संशोधन Radha Soami Satsang Beas के अनुरोध पर किया जा रहा है, जो अपनी अतिरिक्त जमीन को charity purposes के लिए हस्तांतरित करना चाहते हैं। संशोधन से धार्मिक और चैरिटेबल संस्थाओं को 30 एकड़ तक की भूमि पर छूट मिल सकेगी।
सरकारी कर्मचारियों के लिए नई सेवा शर्तें
Recruitment and Service Conditions Bill-2024 के तहत सरकारी कर्मचारियों को seniority और financial benefits उनके contractual service period के दौरान नहीं मिलेंगे। इससे राज्य पर वित्तीय बोझ कम होगा और seniority list में भी संशोधन की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
पुलिस संशोधन विधेयक: ट्रांसफर और भर्ती में बदलाव
Police Amendment Bill-2024 के तहत पुलिस कांस्टेबल अब जिला कैडर से राज्य कैडर में आ जाएंगे। यह बदलाव transfers, recruitment, और promotion की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाएगा।