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Himachal News: मुख्यमंत्री बताएं नेरचौक मेडिकल कॉलेज में क्यों हड़ताल पर हैं प्रशिक्षु डॉक्टर : जयराम ठाकुर

admin
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09:01 AM 05 Apr 2026
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Himachal News: मुख्यमंत्री बताएं नेरचौक मेडिकल कॉलेज में क्यों हड़ताल पर हैं प्रशिक्षु डॉक्टर : जयराम ठाकुर

Himachal News:  शिमला: शिमला से जारी बयान में पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री से कुछ सवाल पूछे हैं और उनसे निवेदन किया है की बिना झूठ बोले, बिना इधर उधर की बात किए उन सवालों के जवाब प्रदेश के लोगों को दिए जाएँ। उन्होंने कहा की मुख्यमंत्री यह बताए कि नेरचौक मेडिकल कॉलेज के प्रशिक्षु डॉक्टर हड़ताल पर क्यों है, वह प्रदर्शन क्यों कर रहे हैं? उनकी क्या मांगें हैं? उन्हें क्यों नहीं पूरा किया जा रहा है? क्या वह कोई नई या ग़ैरवाजिब मांग कर रहे हैं? और उनकी मांगें मानी जाएंगी या नहीं? हर दिन मीडिया के सामने बड़ी बड़ी बाते करना, झूट बोलना और सपने दिखाना अलग बात है जमीन पर काम करना अलग बात।

यह सरकार प्रशिक्षु डॉक्टर को उनका स्टाइपेंड भी चार महीनों से नहीं दे रही है। ऐसे में उनका खर्च कैसे चलेगा? डॉक्टरी की पढ़ाई कर रहे छात्र बेहद सामान्य परिवार से भी होते हैं जिनके लिए सरकार द्वारा हर महीने अनिवार्य रूप से दिए जाने वाले स्टाइपेंड का बहुत महत्त्व होता है। लेकिन सरकार के लिए यह कोई बड़ी बात नहीं है। सरकार अपने फैसलों में मानवीय दृष्टिकोण लाए तब उन्हें लोगों की कठिनाइयों का अंदाजा हो पायेगा। सरकार की तानाशाही की वजह से मेडिकल कॉलेज में इलाज करा रहे आम लोगों को भी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है ।इसके पहले डीएनबी के छात्रों को स्टाइपेंड न देने के कारण नेशनल बोर्ड ऑफ एग्ज़ामिनेनेश एंड मेडिकल साइंसेज ने हिमाचल प्रदेश के कोटे पर रोक लगा दी थी जिसके कारण 63 विशेषज्ञ डॉक्टर्स से प्रदेश को वंचित होना पड़ा।

व्यवस्था परिवर्तन के नाम पर हिमाचल प्रदेश ने व्यवस्था का पतन क्यों हो रहा है? क्या इसके बारे में प्रदेश के मुखिया प्रदेश के लोगों को बताएंगे? लोगों को मिलने वाली बहुत सारी सुविधाएँ घोषित या अघोषित रूप से हर दिन क्यों छीनी जा रही है? क्यों प्रदेश के अस्पतालों के इतने बुरे हाल हैं? स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह क्यों बेहाल हैं? प्रदेश भर में अवैध खनन के मामले क्यों बढ़ते जा रहे हैं? अवैध खनन करने वाले लोगों को किसका संरक्षण प्राप्त है, जो वह बिना ख़ौफ़ के खनन करते जा रहे हैं? रोकने गए अधिकारियों के साथ अभद्रता करने और धमकी देने के मामले मीडिया के माध्यम से सामने आ रहे है? क्या प्रदेश में इसी तरह के व्यवस्था परिवर्तन की बात मुख्यमंत्री कर रहे थे?

जहाँ पर किसी प्रकार की व्यवस्था के बजाय सिर्फ़ अराजकता का बोलबाला रहे। सुख की सरकार के नाम पर प्रदेश को दुख देने वाले और व्यवस्था परिवर्तन के नाम पर व्यवस्था का पतन करने वाले मुख्यमंत्री से प्रदेश के लोग अब कहने लगे है कि अब कोई और नारा न दीजिए नहीं तो उसके बदले भी उन्हें परेशानी उठानी पड़ेगी। अब तो मुख्यमंत्री महोदय अपने झूठ की दुकान जब मंचों से सजानी शुरू करते हैं तो प्रदेश के लोग उठकर जाने लगते हैं।

जयराम ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री ये बताये कि वह पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम से खिलवाड़ क्यों कर रहे हैं? उन्होंने अपने चुनावी घोषणापत्र में क्या वादे किए थे? राशन डिपुओं में कभी दाल नहीं मिलती तो कभी तेल नहीं मिलता। कभी चीनी नहीं मिलता तो कभी चावल का कोटा नहीं आता। डिपो में मिलने वाले राशन के दामों में आये दिन 10 फ़ीसदी- 20 फ़ीसदी बढ़ोतरी होने की खबरें छपती रहती है। दो महीने से लोगों को खाद्य तेल नहीं मिला है?

और ये कब मिलेगा इसकी भी जानकारी किसी भी उपभोक्ता और डिपो के संचालक को नहीं है। क्या बिना तेल के घर में खाना बन सकता है? आखिर सरकार प्रदेश के लोगों के साथ ऐसा मजाक क्यों कर रही है? क्या मुख्यमंत्री को प्रदेश के लोगों ने इसी तरह से सरकार चलाने के लिए सत्ता सौंपी थी? और मुख्यमंत्री साथ ही साथ यह भी बताएं कि अव्यवस्थाओं का यह दौर उनके शासन में ऐसे ही चलता रहेगा या समाप्त भी होगा?  

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Web Title: himachal news chief minister should tell why trainee doctors are
Published On: Apr 05, 2026 | 09:01 AM