EPFO Claim: EPFO ने हाल ही में यूट्यूब पर एक वीडियो जारी किया हुआ है। जिसमें उन्होंने सभी को अप्लिकेशन को रद्द करने के कारणों के बारे में जानकारी दी हुई है। नौकरी करने वाले लोग अपने एंप्लॉयीज प्रोविडेंट फंड (EPF) में जमा राशि का उपयोग कई बार ऐसी परिस्थितियों में कर सकते हैं। एंप्लॉयीज प्रोविडेंट फंड ऑर्गेनाइजेशन (EPFO) EPF का प्रबंधन करता है। वह कुछ विशिष्ट परिस्थितियों में कर्मचारियों को EPF में जमा राशि निकालने की अनुमति देता है। पैसा आम तौर पर आवेदन करने के 10 दिन के अंदर आवेदक के बैंक खाते में आ जाता है। कुछ परिस्थितियों में आवेदन नकार दिया जाता है। EPFO ने हाल ही में यूट्यूब पर एक वीडियो पोस्ट कर एक बेहत जरूरी जानकारी दी हुई है।
Application rejected से सब्सक्राइबर बहुत परेशान होता है। इसकी वजह यह है कि सब्सक्राइबर EPF से पैसे निकालने का निर्णय सिर्फ बहुत जरूरी होने पर लेता है। EPFO (EPFO) ने बताया कि अगर एंप्लॉई अप्लाई करने से पहले उनका ख्याल रखते हैं, तो अप्लाई रिजेक्ट होने की संभावना बहुत कम होगी।
सब्सक्राइबर की KYC सही होनी चाहिए। उसे यह ध्यान रखना चाहिए कि उसका UAN उसके आधार से लिंक्ड होना चाहिए। आपका एड्रेस और मोबाइल नंबर भी अपडेट होना चाहिए।
सब्सक्राइबर का नाम, जन्म की तिथि, महीना और वर्ष और पिता का नाम सही होना चाहिए। एप में दी गई जानकारी EPFO रिकॉर्ड से मेल खानी चाहिए।
सब्सक्राइबर को आवेदन में दिए गए बैंक अकाउंट विवरणों को दो बार देखना चाहिए। विशेष रूप से ब्रांच जानकारी, आईएफसी कोड और अकाउंट नंबर सही होना आवश्यक है।
सब्सक्राइबर को अप्लिकेशन फॉर्म के साथ आवश्यक दस्तावेजों को भरना होगा। इनमें आइडेंटिटी प्रूफ, एड्रेस प्रूफ, आदि से जुड़े दस्तावेज शामिल हैं। आपको आवेदन भेजने से पहले सभी दस्तावेजों को देखा जाना चाहिए। EPF से पैसे निकालने में अक्सर एंपलॉयर्स मदद नहीं करते हैं। एंप्लॉयी को इससे कठिनाई होती है। यदि एंप्लॉयर से कोई मदद नहीं मिलती है, तो एंप्लॉयर EPFओ के ग्रीवांस पोर्टल पर शिकायत कर सकता है। एंप्लॉयी चाहे तो लेबर कमिश्नर के ऑफिस में इस मामले की शिकायत भी कर सकता है। ऐसे मामलों में वे लेबर विभाग के एंप्लॉयर से बातचीत करते हैं। Experts कहते हैं कि इन बातों का ध्यान रखने से EPF से पैसे निकालने में कोई समस्या नहीं होगी।