DA Hike Update: केंद्रीय कर्मचारियों के लिए DA बढ़ोतरी पर बड़ा अपडेट: 2% वृद्धि के साथ 60% होगा महंगाई भत्ता, जानें देरी की असली वजह
DA Hike Update: नई दिल्ली: केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशन भोगियों के लिए अप्रैल की शुरुआत कुछ खास अच्छी नहीं रही क्योंकि साल की पहली छमाही के लिए मिलने वाले महंगाई भत्ते (DA) का इंतजार लंबा ही होता जा रहा है। आमतौर पर होली के आसपास मार्च में होने वाला यह ऐलान इस बार अटक ही गया है, जिससे लाखों परिवारों का बजट प्रभावित हो रहा है। अब सबकी निगाहें मोदी कैबिनेट की अगली बैठक पर टिकी हैं, जहां इस बढ़ोतरी पर मुहर लग सकती है और कर्मचारियों को बड़ी खुशखबरी मिल सकती है। Central Government Employees DA Hike 2026 को लेकर कयासों का बाजार गर्म है और कर्मचारी वर्ग आधिकारिक घोषणा का बेसब्री से इंतजार कर रहा है।
60% तक पहुंचेगा महंगाई भत्ते का आंकड़ा
औद्योगिक श्रमिकों के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (AICPI) के आंकड़ों पर नजर डालें, तो इस बार डीए में 2% की बढ़ोतरी तय मानी जा रही है। मौजूदा स्थिति में फिलहाल कर्मचारियों को 58% डीए मिल रहा है। नए आंकड़े पर अगर गौर करें, तो 2% की वृद्धि के बाद यह आंकड़ा 60% तक हो जाएगा । राहत की बात यह है कि जब भी इसकी घोषणा होगी, वह 1 जनवरी 2026 से ही प्रभावी मानी जाएगी। इसका मतलब यह है कि कर्मचारियों को जनवरी, फरवरी और मार्च महीने का बकाया यानी कि एरियर एक साथ मिलेगा, जो एक बड़ी आर्थिक राहत होगी ।
क्यों हो रही है डीए के ऐलान में असामान्य देरी?
आमतौर पर जनवरी का डीए मार्च या अप्रैल के पहले हफ्ते तक घोषित कर दिया जाता है, लेकिन इस बार देरी की वजह तकनीकी बताई जा रही है। दरअसल, सातवें वेतन आयोग का समय समाप्त हो चुका है और देश अब आठवें वेतन आयोग की ओर कदम बढ़ा चुका है । आठवें वेतन आयोग के गठन और सुझावों के लिए 18 महीने का समय तय किया गया है। इस ट्रांजिशन यानी बदलाव के दौर की वजह से फाइलों की आवाजाही में समय लग रहा है, जिससे सैलरी और पेंशन से जुड़े फैसले फिलहाल लंबित हैं ।
कर्मचारी संगठनों ने जताई डीए फ्रीज होने की आशंका
भत्ते में हो रही इस असामान्य देरी ने कर्मचारी संगठनों के कान खड़े कर दिए हैं। ऑल इंडिया एनपीएस एंप्लाइजस फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. मनजीत सिंह पटेल ने इस पर कड़ा ऐतराज जताया है। उन्होंने कहा कि इतिहास में शायद ही कभी डीए के ऐलान में इतनी सुस्ती दिखाई दी हो । कर्मचारियों के बीच अब यह डर बैठने लगा है कि कहीं सरकार अमेरिका-ईरान युद्ध के वैश्विक हालात को देखते हुए कोरोना काल की तरह डीए को फ्रीज न कर दे। संगठनों ने मांग की है कि सरकार को तुरंत स्पष्टीकरण देना चाहिए कि आखिर देरी की असली वजह क्या है।
कैबिनेट की अगली बैठक पर टिकी निगाहें
देश भर के करोड़ों कर्मचारी और पेंशनर्स जनवरी से बढ़ने वाले डीए का इंतजार कर रहे हैं। ऐसा पहले कभी नहीं हुआ जब इतनी देरी हुई हो। कर्मचारियों में इस आशंका की सुगबुगाहट तेज है कि वैश्विक युद्ध की परिस्थितियों का हवाला देकर सरकार डीए को फ्रीज कर सकती है । आपको बता दें कि सरकार साल में दो बार डीए में बढ़ोतरी करती है। अगर कैबिनेट की अगली बैठक में फैसला नहीं होता है, तो कर्मचारी संगठनों का विरोध और तेज हो सकता है। फिलहाल केंद्र सरकार के पाले में है और लाखों कर्मचारी एक आधिकारिक नोटिफिकेशन का इंतजार कर रहे हैं