राज्य में 35 लाख से अधिक राशन कार्ड रद्द, सरकार ने फर्जीवाड़े पर चलाया बड़ा डंडा
Bihar Ration Card Cancellation 2026: बिहार में राशन कार्ड को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। केंद्र सरकार ने राज्य को संदिग्ध कार्ड का डेटा उपलब्ध कराया था। कुल 57 लाख से ज्यादा राशन कार्ड जांच के दायरे में आए। इस डेटा को सभी अनुमंडल पदाधिकारियों के लॉगिन में अपलोड कर दिया गया। इसके बाद पूरे राज्य में सत्यापन की प्रक्रिया शुरू हो गई। अब जांच के आधार पर कार्रवाई की जा रही है। इसी के साथ ही अधिकारियों ने भी अपनी जानकारी दी है और उन्होंने कहा है कि बड़े स्तर पर जांच अभियान चलाया गया। सत्यापन के बाद कई चौंकाने वाले तथ्य भी सामने आए हैं।
गलत तरीके से बने कार्डों पर सख्त कार्रवाई
सरकार पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सख्त कदम उठा रही है। गलत तरीके से बने कार्डों पर कार्रवाई जारी है। आगे भी जांच प्रक्रिया जारी रहने की बात कही गई है। सत्यापन के दौरान बड़ी संख्या में कार्ड फर्जी पाए गए। कुल 35,36,000 राशन कार्ड रद्द किए जा रहे हैं। यह कार्रवाई चरणबद्ध तरीके से पूरी की जा रही है। सरकार ने साफ किया है कि केवल पात्र लोगों को ही लाभ मिलेगा। फर्जी लाभार्थियों पर सख्ती बरती जा रही है। इससे सिस्टम में पारदर्शिता बढ़ेगी।
17 लाख कार्ड सही पाए गए, लाभ रहेगा जारी
इसी के साथ ही 17 लाख कार्ड जांच में सही पाए गए हैं। इन लाभार्थियों को योजना का लाभ मिलता रहेगा। सरकार ने कहा है कि पात्र लोगों को कोई परेशानी नहीं होगी। सत्यापन प्रक्रिया से सही लाभुकों की पहचान सुनिश्चित हुई है। इससे व्यवस्था अधिक मजबूत बनेगी और लाभ वितरण में पारदर्शिता आएगी। अभी भी कुछ राशन कार्डों की जांच चल रही है। इन पर अंतिम फैसला सत्यापन के बाद ही लिया जाएगा। प्रशासन को पूरी प्रक्रिया जल्द पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
नए आवेदकों को जोड़ने पर सरकार का ध्यान
हर स्तर पर निगरानी की जा रही है। सरकार किसी भी तरह की गड़बड़ी नहीं चाहती। आगे और कार्रवाई की संभावना बनी हुई है। राज्य में नए राशन कार्ड के लिए बड़ी संख्या में आवेदन आए हैं। कुल 19,26,000 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए। इनमें से 17,74,000 से ज्यादा निष्पादित हो चुके हैं। बाकी आवेदकों पर प्रक्रिया जारी है। सरकार पात्र लोगों को जोड़ने पर भी ध्यान दे रही है। इससे जरूरतमंदों को राहत मिलने की उम्मीद है।
बिहार में राशन कार्ड का मौजूदा आंकड़ा
बिहार में कुल 2 करोड़ 10 लाख राशन कार्ड धारक हैं। इनके जरिए लगभग 8 करोड़ 55 लाख लोग लाभान्वित हो रहे हैं। सरकार का लक्ष्य सही लाभार्थियों तक योजना को पहुंचाना है। फर्जीवाड़े पर रोक लगाने के लिए यह अभियान चलाया गया है। इससे वितरण प्रणाली मजबूत होगी और आम जनता के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है।