Ankush Badjatya: हिमाचल प्रदेश के जिला ऊना के एक युवक ने 28 लाख का पैकेज छोड़कर किया ऐसा बिजनेस की आज विदेशों से हो रही डिमांड। अंकुश बड़जात्या ने अपनी मेहनत और धैर्य से साबित कर दिखाया है। ऊना जिले के छोटे से गांव बंगाणा (Bangana) के 24 वर्षीय इस युवा ने तीन पीढ़ियों से चली आ रही पारंपरिक व्यापारिक धारा को नई दिशा दी। अंकुश की कड़ी मेहनत, आत्मनिर्भरता और दूरदृष्टि ने उनकी साड़ी (saree) के व्यापार को भारत से बाहर अंतरराष्ट्रीय (international) स्तर तक पहुंचा दिया है।
अंकुश का परिवार व्यापार की दुनिया में हमेशा से एक साधारण रास्ते पर चलता आ रहा था। उनके दादा गांव-गांव घूमकर चूड़ियां (bangles) बेचा करते थे, और दादी चाय बेचने का काम करती थीं। उनकी अगली पीढ़ी (generation) में उनके पिता ने कपड़े की दुकान पर नौकरी की और फिर खुद का व्यापार शुरू किया। अंकुश ने उस व्यापार को न सिर्फ संभाला, बल्कि उसे नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का सपना भी देखा और उसे पूरा किया।
अंकुश ने अपनी प्रारंभिक पढ़ाई (education) बंगाणा के सरकारी स्कूल से की थी, और इसके बाद चेन्नई में कंप्यूटर साइंस (computer science) में इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की। एक साधारण नौकरी में अपनी भविष्यवाणी के अनुसार करियर (career) के लिए अंकुश ने 2021 में अपनी 28 लाख रुपये सालाना की नौकरी छोड़ दी और खुद का व्यापार शुरू करने का साहसिक निर्णय लिया। मार्च 2021 में उन्होंने ‘दीवा’ कंपनी के नाम से साड़ियों का ऑनलाइन शॉपिंग (online shopping) पोर्टल शुरू किया। अंकुश की मेहनत और दूरदर्शी सोच ने आज उनकी कंपनी को विश्व के कई देशों, जैसे अमेरिका, इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा और यूएई में स्थापित कर दिया। 14 दिसंबर 2021 को अपने 24वें जन्मदिन पर उन्होंने दीवा को पांच देशों में लॉन्च किया और व्यापार को एक नई दिशा दी।