8th Pay Commission: केंद्रीय कर्मचारियों (Central employees) को वर्तमान में न्यूनतम बेसिक सैलरी (Minimum Basic Salary) 18,000 रुपये मिल रही है। नए साल में केंद्र सरकार कर्मचारियों (Central Government Employees) को बड़ा वेतन लाभ दे सकती है। चर्चा है कि यह न्यूनतम बेसिक सैलरी 18,000 रुपये से बढ़कर 51,480 रुपये हो सकती है। इसके साथ ही सरकार 8वें वेतन आयोग (8th pay commission) को लागू करने के लिए पूरी तरह से योजना बना रही है। 2025 को कर्मचारियों को कभी भी खुशखबरी मिल सकती है। वहीं आपकी जानकारी के लिए बता दें कि 2016 को जब 7वें वेतन आयोग लागू हुआ तो उसक चार साल बात केंद्रीय कर्मचारियों 8वें वेतन आयोग की मांग कर रहे है। अब कर्मचारियों को 2025 को खुशखबरी मिल सकती है। अगर ऐसा होता है, तो सैलरी के कैलकुलेशन में उपयोग होने वाला फिटमेंट फैक्टर भी बढ़ जाएगा, जिससे सैलरी में स्वाभाविक रूप से बढ़ोतरी होगी। हालांकि, 8वें वेतन आयोग को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
फिलहाल केंद्रीय कर्मचारियों को 7वें वेतन आयोग (7th pay commission to central government employees) के तहत 18,000 रुपये की न्यूनतम बेसिक सैलरी (Minimum Basic Salary) मिल रही है। पिछली बार 6वें वेतन आयोग से 7वें वेतन आयोग (6th Pay Commission to 7th Pay Commission) में 7,000 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी। अगर सरकार 8वां वेतन आयोग (8th Pay Commission) लागू करती है, तो 2.86 फिटमेंट फैक्टर (Fitment Factor) के आधार पर यह सैलरी 51,480 रुपये तक पहुंच सकती है। इससे लगभग 1 करोड़ कर्मचारियों और पेंशनर्स (1 crore employees and pensioners) को सीधा लाभ होगा।
नए आयोग से पेंशनर्स (Pensioners from new commission) को भी बड़ी राहत मिल सकती है। वर्तमान में 9,000 रुपये मिलने वाली न्यूनतम पेंशन (Minimum pension) में 186% की वृद्धि के बाद यह 25,740 रुपये तक हो सकती है। हालांकि, सरकार की ओर से इस पर कोई आधिकारिक बयान (official statement) नहीं आया है। नेशनल काउंसिल ऑफ ज्वाइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) ने 8वें वेतन आयोग (8th pay commission) की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपा है। दिसंबर में इस पर चर्चा होने की संभावना है।
7वें वेतन आयोग की सिफारिशें 2016 में लागू हुई थीं, जिसमें कर्मचारियों और पेंशनर्स के वेतन, भत्ते और पेंशन में कई सुधार किए गए थे। यदि 8वां वेतन आयोग लागू होता है, तो इसका सीधा असर केंद्र सरकार के 1 करोड़ से अधिक कर्मचारियों और पेंशनर्स पर पड़ेगा।
यह बदलाव न केवल कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाएगा, बल्कि उनके जीवन स्तर में भी सुधार करेगा। अब सभी की नजरें सरकार की आगामी घोषणाओं पर टिकी हैं।