Ration Card Update 2026: अब घर बैठे मिलेगा राशन! कार्ड का झंझट खत्म, मोबाइल बनेगा आपकी नई पहचान, जानिए क्या है नई व्यवस्था
Ration Card Update 2026: मुफ्त अनाज योजना के तहत राशन लेने का तरीका पूरी तरह से बदलने की तैयारी में है। केंद्र सरकार डिजिटल फूड कूपन (Digital Food Coupon) शुरू करने जा रही है। जिससे लोगों को राशन लेने के लिए ना तो कागजी राशन कार्ड साथ रखना पड़ेगा और ना ही बार-बार मशीन पर अंगूठा लगाना होगा। आने वाले समय में लाभार्थी का मोबाइल फोन ही राशन कार्ड की तरह काम करेगा।
Ration Card Update 2026: सरकार का क्या है मकसद?
सरकार का मकसद है कि राशन वितरण की प्रक्रिया सरल, पारदर्शी और भरोसेमंद बने। ताकि आम आदमी को लाइन में लगने और तकनीकी दिक्कतों (Technical Issues) से राहत मिल सके। ये व्यवस्था भारतीय रिजर्व बैंक की डिजिटल करेंसी पर आधारित होगी। इसे डिजिटल फूड कूपन कहा जा रहा है। ये पहली बार होगा जब केंद्रीय बैंक की डिजिटल मुद्रा का उपयोग सीधे सार्वजनिक वितरण प्रणाली में किया जाएगा।
Ration Card Update 2026: मोबाइल वॉलेट में आएंगे कूपन
प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना और राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना (Food Security Scheme) के तहत मिलने वाले अनाज को इन कूपन के जोड़ा जाएगा। मतलब जो अधिकार अभी राशन कार्ड से मिलते हैं, वही अब मोबाइल वॉलेट में मौजूद कूपन के रूप में मिलेंगे। इस नई व्यवस्था में पात्र परिवार के मोबाइल फोन में हर महीने डिजिटल फूड कूपन जमा कर दिए जाएंगे। ये कूपन खास तरह के वॉलेट में रहेंगे, जिन्हें केवल राशन की दुकान पर ही इस्तेमाल किया जा सकेगा।
Ration Card Update 2026: कैसे काम करेगा नया सिस्टम?
लाभार्थी जब उचित मूल्य की दुकान पर जाएगा, तो दुकानदार के पास लगे क्यूआर कोड (QR Code) को अपने मोबाइल से स्कैन करेगा। स्कैन होते ही कूपन कट जाएंगे और राशन मिल जाएगा। ना कार्ड दिखाने की जरूरत होगी और ना ही अंगूठा लगाने की मजबूरी। पूरा लेनदेन अपने आप रिकॉर्ड हो जाएगा। पायलट प्रोजेक्ट के तहत अभी चंडीगढ़, पुडुचेरी और गुजरात के तीन जिलों आनंद, साबरमती और दाहोद से शुरुआत होनी है।
Ration Card Update 2026: धीरे-धीरे पूरे देश में होगा लागू
पहले चरण में बहुत कम संख्या में लोगों को शामिल किया जा रहा है, ताकि समझा जा सके कि नेटवर्क मोबाइल इस्तेमाल और दुकान पर व्यवस्था लागू करने में किस तरह की दिक्कतें होती हैं। इन्हीं अनुभवों के आधार पर बाद में इस मॉड्यूल को पूरे देश में लागू किया जाएगा। अभी राशन व्यवस्था (Ration System) में अंगूठा ना मिलने, मशीन खराब होने या फिर गलत प्रविष्टि जैसी शिकायतें आती हैं। क्यूआर कोड से राशन मिलने पर ऐसी दिक्कतें खत्म हो सकती हैं। साथ ही लेनदेन का डिजिटल रिकॉर्ड रहने से अनाज की हेराफेरी और फर्जी लाभ उठाने की गुंजाइश भी कम होगी। प्रयोग सफल रहा तो आम आदमी को ना सिर्फ समय और मेहनत की बचत होगी, उसे भरोसा भी मिलेगा कि उसके हिस्से का अनाज मिलने में कोई दिक्कत नहीं होगी।