Voter ID New Design: अब घर बैठे मिलेगा स्मार्ट वोटर आईडी’! बदल गया कार्ड का लुक, फोटो से लेकर नक्शे तक सब कुछ नया, देखें डिटेल्स
Voter ID New Design: निर्वाचन आयोग वोटर आईडी कार्ड डिजाइन (Voter ID Card Design) में लगातार बदलाव कर रहा है। पुराने कार्ड के मुकाबले नए कार्ड को और भी बेहतर किया जा रहा है। खासकर मतदाताओं की डबल फोटो के साथ क्यूआर कोड और भारत का नक्शा भी हटेगा। और इसी के साथ ही दो जगहों पर एपिक नंबर अंकित होगा। ड्राइविंग लाइसेंस (Driving License) की तरह ही कार्ड डाक से सीधे मतदाता के घर भेजे जा रहे हैं। क्यूआर कोड स्कैन करते ही मतदाता की पूरी जानकारी सामने आ जाएगी। विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान से पूर्व नौ विधानसभा क्षेत्रों में 36 लाख मतदाता थे। 6 जनवरी के बाद अब 27.63 लाख मतदाता (Voters) रह गए।
नए कार्ड में क्या-क्या होगा खास?
नए मतदाताओं के फोटो युक्त पहचान पत्र बनाए जा रहे हैं। हर महीने दो से 3,000 लोग डुप्लीकेट वोटर कार्ड के लिए मतदाता पंजीकरण केंद्र में आवेदन करते हैं। अभी तक वोटर कार्ड तहसील से मिल रहा था या फिर बीएलओ (BLO) द्वारा जारी किया जा रहा था। आयोग के आदेश पर व्यवस्था में बदलाव करते हुए अब मतदाताओं के घर में डाक से भेजा जा रहा है। पूर्व के मुकाबले वोटर कार्ड के डिजाइन में बदलाव किया गया है। मतदाता की डबल फोटो होगी। पहली फोटो का साइज पासपोर्ट होगा और दूसरी फोटो कुछ छोटी होगी। इसके नीचे भारत का नक्शा (Map of India) भी होगा। आयोग के चिन्ह के नीचे एपिक नंबर (EPIC Number) अंकित होगा।
कार्ड के पीछे भी होंगे बड़े बदलाव
कार्ड के पीछे के डिजाइन, एपिक नंबर और क्यूआर कोड (QR Code) दिया जाएगा। साथ ही विधानसभा क्षेत्र के नाम भी अंकित होंगे। अभी तक वोटर कार्ड में नाम, पता, उम्र, विधानसभा क्षेत्र का नाम, हस्ताक्षर होते थे। वहीं दूसरी तरफ बजट में केंद्रीय कानून मंत्रालय को वोटर आइडेंटिटी कार्ड के लिए 250 करोड़ रुपये दिए गए हैं। जबकि लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Election) से जुड़े खर्चों को निपटाने के लिए 500 करोड़ रुपये अलग से रखे गए हैं। इलेक्शन फोटो आइडेंटिटी कार्ड पर होने वाला खर्च केंद्र और राज्यों के बीच में बराबर बांटा जाता है। हर राज्य अपने वोटर की संख्या के अनुपात में पैसे देती है और भारत में मतदाताओं की संख्या अब लगभग 99 करोड़ है।
बजट और खर्च का पूरा गणित
केंद्रीय बजट (Union Budget) 26-27 के अनुसार संशोधित अनुमान के तहत 250 करोड़ रुपये दिए गए हैं। बजट के अनुमान के अनुसार यह रकम 300 करोड़ रुपये थी। इसके अलावा मंत्रालय जो चुनाव आयोग, चुनाव कानूनों और संबंधित नियमों और चुनाव आयोग की नियुक्तियों के लिए नोडल एजेंसी है, 2024 में हुए लोकसभा चुनाव के लिए 500 करोड़ रुपये दिए गए थे। और इसी के साथ ही अब बदलाव होने जा रहा है।