Chamba Pangi News: चंबा के पांगी में 14 साल के बच्चे को पीठ पर लादकर मीलों चले परिजन, प्रशासन ने ऐसे बचाई जान!
- पीठ पर जिंदगी लादकर बर्फ में पैदल सफर
- फरिश्ता बनकर पहुंची प्रशासन की गाड़ी
- अब खतरे से बाहर है साहिल
Chamba Pangi News: पांगी: हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले का जनजातीय क्षेत्र पांगी घाटी इस समय कुदरत के कड़े इम्तिहान से गुजर रहा है। घाटी में हुई रिकॉर्ड तोड़ बर्फबारी ने जनजीवन को पूरी तरह से थाम दिया है। आलम यह है कि पांगी न सिर्फ शेष दुनिया से कट गया है, बल्कि घाटी के भीतर भी एक गांव का दूसरे गांव से संपर्क टूट चुका है। इसी बीच शुक्रवार की सुबह सफेद आफत के बीच इंसानियत और साहस की एक ऐसी तस्वीर सामने आई, जिसने हर किसी का दिल झकझोर दिया। मिली जानकारी के अनुसार पांगी के सबसे दूरदराज शुण गांव के रहने वाले भूपेंद्र का 14 वर्षीय बेटे साहिल की तबीयत गुरुवार रात अचानक बिगड़ गई। बाहर 2 से 3 फीट बर्फ जमी थी और रास्ता पूरी तरह बंद था। परिवार पर मानो दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। जैसे-तैसे रात काटी, लेकिन सुबह होते-होते बच्चे की हालत और खराब होने लगी। उसे फौरन इलाज की जरूरत थी, लेकिन अस्पताल तक जाने वाली सड़क पर भारी हिमपात के कारण गाड़ियों के पहिए थमे हुए थे। ऐसे में गांव के लोगों ने हार नहीं मानी। उन्होंने तय किया कि वे साहिल को अपनी पीठ पर उठाकर अस्पताल पहुंचाएंगे।
पीठ पर जिंदगी लादकर बर्फ में पैदल सफर
शुक्रवार सुबह करीब 8:00 बजे, जब तापमान माइनस में था, साहिल के परिजन और ग्रामीण उसे पीठ पर उठाकर मुख्यालय किलाड़ की ओर निकल पड़े। यह सफर आसान नहीं था। हर कदम पर बर्फ धंस रही थी और फिसलन का खतरा था। लेकिन बच्चे की जान बचाने का जुनून उनके कदमों को रुकने नहीं दे रहा था। यह एक कठिन परीक्षा थी, जो इस जनजातीय क्षेत्र के लोगों के संघर्ष को बयां करती है। वे जानते थे कि अगर समय रहते अस्पताल नहीं पहुंचे, तो अनहोनी हो सकती है। इसी बीच, पंचायत प्रतिनिधियों ने समझदारी दिखाई और तुरंत उपमंडल दंडाधिकारी पांगी को फोन करके स्थिति की जानकारी दी।
फरिश्ता बनकर पहुंची प्रशासन की गाड़ी
जैसे ही एसडीएम पांगी अमन दीप को सूचना मिली कि एक बीमार बच्चे को पीठ पर उठाकर लाया जा रहा है, उन्होंने एक पल की भी देरी नहीं की। प्रशासन तुरंत हरकत में आया। एसडीएम ने लोक निर्माण विभाग को निर्देश दिए कि जहां तक सड़क खुली है, वहां तक फौरन गाड़ी भेजी जाए। विभाग की फोर बाई फोर कैंपर गाड़ी तुरंत रवाना हुई। गाड़ी सिद्ध मंदिर तक पहुँचने में कामयाब रही, जहाँ तक सड़क को बहाल कर दिया गया था। वहां पहुँचकर प्रशासन की टीम ने बच्चे को गाड़ी में शिफ्ट किया और सुरक्षित सिविल अस्पताल किलाड़ पहुँचाया।
अब खतरे से बाहर है साहिल
समय पर अस्पताल पहुंचने से साहिल की जान बच गई। सिविल अस्पताल किलाड़ के इंचार्ज डॉ. राजकुमार ने बताया कि बच्चे को गंभीर इन्फेक्शन हुआ था, जिस वजह से उसकी तबीयत बिगड़ी थी। उसे तुरंत भर्ती कर उपचार शुरू कर दिया गया। राहत की बात यह है कि अब साहिल चिकित्सकों की निगरानी में है और उसकी हालत स्थिर है। एसडीएम अमन दीप ने कहा कि प्रशासन लोगों की मदद के लिए 24 घंटे तैयार है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि आपातकालीन स्थितियों में मशीनरी का इस्तेमाल कर लोगों तक मदद पहुंचाई जाए। इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि अगर हौसला बुलंद हो और प्रशासन साथ दे, तो बड़ी से बड़ी मुश्किल भी आसान हो सकती है।
