मंडी

Himachal News: हिमाचल में पंचायत का कार्यकाल खत्म होने से 4 दिन पहले पूरी पंचायत सस्पेंड, प्रधान-उपप्रधान पर गिरी गाज!

Himachal News: हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले से एक बड़ी खबर सामने आई है। पंचायतों का कार्यकाल पूरा होने से महज चार दिन पहले ही सुधराणी पंचायत को सस्पेंड (Suspended) कर दिया गया है। विकास कार्यों में गंभीर गड़बड़ियों के चलते जिला पंचायत अधिकारी ने प्रधान, उप-प्रधान और तीन सदस्यों को निलंबित कर दिया है।
Himachal News: हिमाचल में पंचायत का कार्यकाल खत्म होने से 4 दिन पहले पूरी पंचायत सस्पेंड, प्रधान-उपप्रधान पर गिरी गाज!
मंडी की सुधराणी पंचायत में मनरेगा और विकास कार्यों में धांधली के आरोप में बड़ी कार्रवाई
हाइलाइट्स
  • मंडी की सुधराणी पंचायत में मनरेगा और विकास कार्यों में धांधली के आरोप में बड़ी कार्रवाई
  • प्रधान, उप-प्रधान और तीन वार्ड मेंबर को पद से निलंबित (Suspended) कर दिया गया है।
  • आरोपियों ने इसे राजनीतिक साजिश (Political Conspiracy) बताते हुए कोर्ट जाने की चेतावनी दी है।

मंडी: Himachal News:  हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में पंचायत चुनाव की सरगर्मियों के बीच एक बड़ी खबर सामने आई है। उपमंडल बालीचौकी की सुधराणी पंचायत (Sudhrani Panchayat) में प्रशासन का डंडा चला है। यहाँ पंचायत का कार्यकाल खत्म होने से महज चार दिन पहले ही प्रधान, उप-प्रधान और तीन वार्ड सदस्यों को सस्पेंड कर दिया गया है। 31 जनवरी 2026 को इनका कार्यकाल पूरा होने वाला था, लेकिन उससे ठीक पहले हुई इस कार्रवाई ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया है।

मंडी की सुधराणी पंचायत में मनरेगा और विकास कार्यों में धांधली के आरोप में बड़ी कार्रवाई

इस निलंबन की मुख्य वजह विकास कार्यों में बरती गई गंभीर अनियमितताएं (Irregularities) बताई जा रही हैं। आरोप है कि पंचायत प्रतिनिधियों ने मनरेगा (MGNREGA) और अन्य योजनाओं में नियमों को ताक पर रखकर काम किया। शिकायतकर्ता चुनी लाल ने आरोप लगाया था कि ठेकेदारों को तय राशि से ज्यादा भुगतान किया गया है। इसके बाद विकास खंड स्तर पर एक जांच समिति (Inquiry Committee) बिठाई गई थी। समिति ने अपनी रिपोर्ट में गड़बड़ी की पुष्टि की और पंचायत अधिकारी को रिपोर्ट सौंपी, जिसके बाद यह कड़ा फैसला लिया गया।

प्रधान, उप-प्रधान और तीन वार्ड मेंबर को पद से निलंबित (Suspended) कर दिया गया है।

प्रशासन का कहना है कि कार्रवाई अचानक नहीं की गई है। आदेशों के मुताबिक, संबंधित पंचायत प्रतिनिधियों को पहले कारण बताओ नोटिस (Show Cause Notice) जारी किए गए थे। लेकिन जब उनकी तरफ से कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो प्रशासन ने निलंबन का आदेश जारी कर दिया। बालीचौकी के बीडीओ (BDO) भूपनेश चड्ढा ने पुष्टि की है कि जांच के दौरान वित्तीय गड़बड़ियां सामने आई हैं, जिसके आधार पर उच्च अधिकारियों ने यह कदम उठाया है।

आरोपियों ने इसे राजनीतिक साजिश (Political Conspiracy) बताते हुए कोर्ट जाने की चेतावनी दी है।

दूसरी ओर, इस कार्रवाई से भड़के पंचायत प्रतिनिधियों ने इसे पूरी तरह से खारिज कर दिया है। उपप्रधान संत राम और प्रधान केशव राम का कहना है कि उन्होंने कोई घोटाला नहीं किया। उनका तर्क है कि अगर गड़बड़ी थी, तो उन्हें पहले सस्पेंड क्यों नहीं किया गया? उन्होंने इसे एक राजनीतिक साजिश (Political Conspiracy) करार दिया है। उनका कहना है कि 31 जनवरी को कार्यकाल खत्म हो रहा है, ऐसे में ठीक पहले सस्पेंड करना उन्हें आगामी चुनाव (Election) से दूर रखने की चाल है। अब वे इस फैसले के खिलाफ अदालत (Court) का दरवाजा खटखटाने की तैयारी कर रहे हैं।

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Web Title: Himachal pradesh panchayat suspended 4 days before the end of its term