Suraj ka asli rang kya hai: बचपन से बोलते आ रहे हैं झूठ, सूरज का रंग पीला या लाल नहीं, वैज्ञानिकों ने खोला असली राज
suraj ka asli rang kya hai: हम सब बचपन से सूरज और चांद को उड़ते और शाम ढलते ही सूरज को डूबते समय लाल या नारंगी रंग में देखे आए हैं । आपकी जानकारी के लिए बता दे कि सूरज हमारे सौरमंडल का एक केंद्र है और पिछले 4:30 अब साल से लगातार जल रहा है । लेकिन आज दिन तक आपको किसी ने यह नहीं बताया होगा कि जिन नज़रों से हम सूरज के उसे रंग को देखते हैं क्या असली मैं सूरज का वही रंग(real color of Sun) होता है । वह केवल आपकी आंखों का एक बड़ा धोखा है ।
क्या है सूरज का असली रंग?
स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी समेत कई वैज्ञानिक शोधों ने यह साफ कर दिया है कि सूरज का असली रंग (real color of Sun) कुछ और ही है, जिसे जानकर आप भी हैरान रह जाएंगे।अब आपके जहां में एक सवाल जरूर उठ रहा होगा कि अगर सूरज पीला या लाल नहीं है तो किस रंग का हो सकता है और वह हमें क्यों नहीं दिखाई देता है इसके पीछे वैज्ञानिकों ने एक बेहद दिलचस्प वैज्ञानिक कारण बताया हुआ है । जिसे विज्ञान की भाषा में रेले स्कैटरिंग (Rayleigh scattering) कहते हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दे कि जब सूरज की किरणें पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश करती है तो वह हवा में मौजूद धूल और गैस के कणों के साथ टकराती है जिस कारण नीले रंग की रोशनी की तरंगदैर्ध्य (wavelength) छोटी होती है। इसलिए वह इन कणों से टकराकर सबसे ज्यादा बिखर जाती है और पूरे आसमान में फैल जाती है। यही वजह है कि हमें आसमान नीला दिखाई देता है।

अंतरिक्ष से कैसा रंग का दिखेगा सूर्य
जब सूरज की किरणों में से नीली रोशनी आसमान में ही बिखर जाती है, तो हमारी आंखों तक सीधी पहुंचने वाली किरणों में लंबी तरंगदैर्ध्य वाले रंग, जैसे कि पीला, नारंगी और लाल ही बचते हैं। इस तरह पृथ्वी का वायुमंडल (Earth’s atmosphere) एक फिल्टर की तरह काम करता है, और हमें सूरज का रंग पीला नजर आता है। सूर्योदय और सूर्यास्त के समय सूरज की किरणें वायुमंडल की ज्यादा मोटी परत से होकर गुजरती हैं, जिससे नीली रोशनी और भी ज्यादा बिखर जाती है और सूरज हमें और भी ज्यादा लाल दिखाई देने लगता है। वैज्ञानिकों के अनुसार, सूरज असल में इंद्रधनुष के सभी रंगों की रोशनी (स्पेक्ट्रम) को लगभग बराबर मात्रा में छोड़ता है, और विज्ञान का नियम है कि जब सभी रंग एक साथ मिलते हैं, तो वे मिलकर सफेद रंग बनाते हैं। इसलिए सूरज का असली रंग चमकदार सफेद है। अगर आप अंतरिक्ष में जाकर सूरज को देखेंगे, तो वहां वायुमंडल न होने के कारण आपको Sun’s color from space यानी उसका असली सफेद रूप दिखाई देगा। यह सफेद रंग हाइड्रोजन और हीलियम के बीच होने वाली नाभिकीय संलयन (nuclear fusion) अभिक्रिया का नतीजा है।

तो आज हमने इस कंटेंट के माध्यम से आपको यह पूरी जानकारी दी कि जिस नजरों से मानव अपने सौरमंडल के सूर्य को देखा है वह असल में कुछ और होता है क्योंकि वायुमंडल में बिखरे हुए धूल और अनेकों काणों के साथ सूरज की किरणें टकराने के बाद उसका इस तरह का रंग बन जाता है। तो अगर आप भी भविष्य में किसी परीक्षा व किसी अन्य क्यूट कंपटीशन में भाग लेने की सोच रहे हैं तो इस बात को अपने ध्यान में जरूर रख ले कि अगर आपको कोई इस तरह का सवाल पूछता है तो इसका जवाब आपको इस कंटेंट में दिए गए उत्तर की तरह देना है अधिक जानकारी के लिए आप इस बेवसाईट पर पढ़ सकते है यहां क्लिक करें
