Success Story: कहते हैं, “जहां चाह होती है, वहां राह खुद बन जाती है।” कुछ ऐसा ही कर दिखाया हरियाणा के सोनीपत जिले के रहने वाले प्रदीप सिंह ने अपनी जिंदगी में। आज हमें आपको इस खबर के माध्यम से प्रदीप सिंह के कड़ी मेहनत की कहानी के बारे में जानकारी देने जा रहे है। इनका जीवन कठिनाइयों से भरा था और इससी मेहनत के कारण एक आइएएस अधिकारी बना हुआ है। उन्होंने IAS बनने का सपना नहीं छोड़ा और आखिरकार साल 2019 में UPSC की परीक्षा में 26वीं रैंक हासिल कर पूरे देश भर में टॉप किया। IAS प्रदीप सिंह हरियाणा के गनौर प्रखंड के तिवरी गांव के रहने वाले हे। उनके पिता सुखबीर सिंह एक किसान हैं और गांव के पूर्व सरपंच भी रह चुके हैं। प्रदीप ने अपनी शुरुआती पढ़ाई गांव के सरकारी स्कूल से की थी। 12वीं की पढ़ाई उन्होंने सोनीपत के शंभू दयाल मॉडर्न स्कूल से पूरी की। उनके परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी, लेकिन शिक्षा के प्रति लगाव और सपनों की उड़ान में कोई कमी नहीं थी।
पिता ने पढ़ाई के लिए बेच दिया घर
बीकॉम (ऑनर्स) की पढ़ाई कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी से पूरी करने के बाद प्रदीप के सामने जीवन की असली चुनौती शुरू हुई। उनके पिता सोनीपत में पेट्रोल पंप पर काम करते थे, लेकिन बेटा पढ़ाई छोड़ न दे, इसके लिए उन्होंने घर तक बेच दिया। ये त्याग सिर्फ एक बाप का नहीं, बल्कि एक सपने पर अटूट विश्वास का प्रतीक था।
IAS बनने से पहले की नौकरी और संघर्ष
ग्रेजुएशन के बाद प्रदीप को इनकम टैक्स डिपार्टमेंट में इंस्पेक्टर की नौकरी मिल गई थी। लेकिन उनका सपना IAS बनने का था, इसलिए उन्होंने वह नौकरी छोड़ दी और UPSC की तैयारी में पूरी ताकत झोंक दी। ऑफिस के काम के साथ जो भी समय मिलता, उसी में पढ़ाई के लिए वक्त निकालते थे। लंच ब्रेक तक में सोशल मीडिया से पढ़ाई करते। यही उनकी लगन और टाइम मैनेजमेंट को दर्शाता है।
UPSC में मिली बड़ी सफलता
साल 2019 में उनकी मेहनत रंग लाई और UPSC परीक्षा में 26वीं रैंक हासिल करके वह IAS अधिकारी बन गए। ये सफलता सिर्फ प्रदीप की नहीं थी, बल्कि उनके पिता के त्याग और पूरे परिवार की उम्मीदों की जीत थी। प्रदीप का मानना है कि UPSC जैसी परीक्षा पास करने के लिए टाइम मैनेजमेंट, रिवीजन और लगातार फोकस जरूरी होता है।