हिमाचल में चिट्टे के साथ रंगे हाथ पकड़ा गया ट्रैफिक पुलिस का जवान, तुरंत नौकरी से बर्खास्त
- चंडीगढ़ से आ रहा था नशा
- प्रोफाइल देख पुलिस के भी उड़े होश
- संविधान की शक्ति का प्रयोग, तुरंत छुट्टी
शिमला: हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने ‘बाड़ ही खेत को खाए’ वाली कहावत सच कर दी है। जिन कंधों पर नशा तस्करों को पकड़ने की जिम्मेदारी थी, वही वर्दीधारी खुद नशा तस्करी (Drug Smuggling) में शामिल निकला। शिमला पुलिस ने अपने ही विभाग के एक कांस्टेबल को चिट्टे की खेप के साथ गिरफ्तार किया है। यह खबर सामने आते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। विभाग ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए आरोपी जवान को पल भर की भी मोहलत नहीं दी और उसे तत्काल प्रभाव से शिमला पुलिस (Shimla Police) की नौकरी से बर्खास्त कर दिया है।
चंडीगढ़ से आ रहा था नशा
घटना बीते वीरवार की है। पुलिस की एक टीम शहर के प्रवेश द्वार यानी शोघी बैरियर पर रूटीन नाका चेकिंग (Naka Checking) कर रही थी। इसी दौरान चंडीगढ़ की तरफ से आ रही एक गाड़ी को शक के आधार पर रोका गया। गाड़ी में तीन युवक बैठे थे, जिनके नाम राहुल कुमार, गौरव और विकास बताए गए हैं। जब पुलिस ने गाड़ी की तलाशी ली, तो उनके होश उड़ गए। गाड़ी से 9.480 ग्राम चिट्टा बरामद (Chitta Recovery) हुआ। तीनों को तुरंत हिरासत में ले लिया गया।
प्रोफाइल देख पुलिस के भी उड़े होश
असली झटका पुलिस को तब लगा जब आरोपियों की पहचान की गई। जांच में पता चला कि मुख्य आरोपी राहुल कुमार कोई आम तस्कर नहीं, बल्कि हिमाचल पुलिस का ही एक सिपाही है। वह वर्तमान में ट्रैफिक पुलिस (Traffic Police) विंग में शिमला में ही तैनात था। पुलिस की वर्दी पहनने वाला व्यक्ति ही जब नशे का सौदागर बन जाए, तो सवाल उठना लाजमी है। इस खुलासे ने विभाग की साख और वर्दी की गरिमा (Uniform Dignity) को गहरा धक्का पहुँचाया है।
संविधान की शक्ति का प्रयोग, तुरंत छुट्टी
पुलिस विभाग ने इस मामले को अनुशासनहीनता की पराकाष्ठा माना है। विभाग का कहना है कि कानून लागू करने वाला ही अगर कानून तोड़ेगा, तो समाज में क्या संदेश जाएगा? विभाग ने जीरो टॉलरेंस नीति (Zero Tolerance Policy) अपनाते हुए लंबी विभागीय जांच का इंतजार नहीं किया। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 311(2)(बी) के तहत मिली विशेष शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए आरोपी कांस्टेबल राहुल कुमार को बिना किसी देरी के नौकरी से बर्खास्त (Service Dismissal) कर दिया गया है। विभाग ने साफ कर दिया है कि खाकी पर दाग लगाने वालों के लिए पुलिस बल में कोई जगह नहीं है।
