HRTC bus attack: धर्मशाला: पंजाब (Punjab) के होशियारपुर (Hoshiarpur) बस स्टैंड (Bus Stand) पर हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) पथ परिवहन निगम (HRTC) की बसों पर एक बार फिर हमला हुआ है। इस घटना ने यात्रियों (Passengers) और निगम कर्मियों (Corporation Employees) की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। देर रात हुई इस वारदात में छह बसों के शीशे तोड़ दिए गए, साथ ही वाहनों पर आपत्तिजनक शब्द भी लिखे गए। इस तरह की घटनाएं न केवल हिमाचल (Himachal) के यात्रियों के लिए खतरा बढ़ाती हैं, बल्कि दोनों राज्यों के बीच तनाव भी पैदा कर सकती हैं।
लगातार निशाने पर हिमाचल की बसें
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक देहरा (Dehra), ऊना (Una), हमीरपुर (Hamirpur) और पठानकोट (Pathankot) डिपो की बसों के शीशे अमृतसर (Amritsar) बस स्टैंड में रात के समय तोड़ दिए गए। यही नहीं, हमलावरों ने बसों पर भद्दे शब्द भी लिखे, जिससे निगम के कर्मचारियों और यात्रियों में रोष फैल गया है। सवाल यह उठता है कि आखिर हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) की बसों और उनके कर्मचारियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी है?
गौरतलब है कि इससे पहले भी ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन प्रशासन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर पाया है। पंजाब (Punjab) के मुख्यमंत्री भगवंत मान (Bhagwant Mann) ने HRTC बसों की सुरक्षा का आश्वासन दिया था, लेकिन इस हमले ने उन दावों पर सवाल खड़ा कर दिया है।
इस मामले को लेकर हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) की सरकार पर दबाव बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री (Chief Minister) और उपमुख्यमंत्री (Deputy CM) से उम्मीद की जा रही है कि वे तुरंत इस घटना का संज्ञान लें और पंजाब (Punjab) सरकार से इस मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाने की मांग करें। HRTC के ड्राइवर (Driver) और कंडक्टर (Conductor) दिन-रात यात्रियों की सेवा में लगे रहते हैं, ऐसे में उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए। इस घटना के बाद हिमाचल (Himachal) में लोगों का गुस्सा भड़क रहा है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग तेज हो रही है।