Himachal Budget 2025: हिमाचल की आर्थिक स्थिति को पटरी पर लाने के लिए सुक्खू सरकार का बजट, ऑल्टो कार से पहुंचे विधानसभा

Himachal Budget 2025:  मुख्यमंत्री (Chief Minister) सुखविंद्र सिंह सुक्खू अपने कार्यकाल (Tenure) का तीसरा बजट (Budget) आज पेश कर रहे हैं. बता दें, सीएम के पास वित्त महकमा (Finance Department) भी है, इसलिए वह वित्त मंत्री के रूप में वित्तीय वर्ष 2025-26 का बजट पेश कर रहे हैं. वह सुबह 11 बजे विधानसभा (Assembly) पहुंच गए. वित्तीय वर्ष (Financial Year) 2024-25 का बजट आकार 58,444 करोड़ रुपये था तथा आगामी वित्तीय वर्ष, 2025-26 का बजट आकार भी इसके आसपास ही रहने की संभावना (Possibility) है. आइए जानते हैं सबकुछ…

  • मुख्यमंत्री ने बजट में बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि बागवानी (Horticulture) को बढ़ावा देने के लिए 4,000 हेक्टेयर (Hectares) भूमि का सर्वेक्षण किया जाएगा। इसके साथ ही, एचपी शिवा परियोजना (HP Shiva Project) के तहत 100 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, जिससे बागवानी को नई दिशा मिलेगी।
  • मछुआरों (Fishermen) को राहत देते हुए सरकार ने रॉयल्टी (Royalty) को सिर्फ 7.50 प्रतिशत तक सीमित कर दिया है, जिससे उनकी आय में बढ़ोतरी होगी। इसके अलावा, 120 नई ट्राउट इकाइयां (Trout Units) स्थापित की जाएंगी, जिससे मत्स्य पालन को बढ़ावा मिलेगा और नए रोजगार (Employment) के अवसर भी सृजित होंगे।
  • सरकार ने प्राकृतिक मक्की (Maize) के न्यूनतम समर्थन मूल्य को 30 रुपये से बढ़ाकर 40 रुपये कर दिया है। वहीं, प्राकृतिक गेहूं
    (Wheat) का समर्थन मूल्य भी 40 रुपये से बढ़ाकर 60 रुपये कर दिया गया है, जिससे किसानों को बेहतर लाभ मिलेगा।
  • हमीरपुर (Hamirpur) में जल्द ही एक स्पाइस पार्क (Spice Park) बनाया जाएगा, जिससे मसाला उत्पादकों को सीधा फायदा होगा। इसके अलावा, हल्दी की खेती को बढ़ावा देने के लिए सरकार 10 क्विंटल (Quintal) हल्दी पर 90 हजार रुपये की सहायता प्रदान करेगी। इसी तरह, ऊना (Una) जिले में आलू प्रोसेसिंग प्लांट (Potato Processing Plant) की स्थापना की जाएगी, जिससे किसानों को अपनी उपज का उचित मूल्य मिलेगा। साथ ही, 100 गांवों में नई सिंचाई योजनाओं की शुरुआत होगी, जिससे खेतों की सिंचाई व्यवस्था मजबूत होगी।
  • मुख्यमंत्री ने पशुपालकों (Dairy Farmers) के लिए एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। अब गाय (Cow) के दूध का खरीद मूल्य 45 रुपये से बढ़ाकर 51 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है, जबकि भैंस (Buffalo) के दूध का मूल्य 55 रुपये से बढ़ाकर 61 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है। यह कदम दुग्ध उत्पादकों की आय को बढ़ाने में मदद करेगा।
  • हिमाचल को ग्रीन स्टेट (Green State) बनाने की दिशा में अब पर्यटन (Tourism) को भी शामिल किया जाएगा। धार्मिक स्थलों के साथ-साथ चाय पर्यटन (Tea Tourism) और अब तक अनदेखे क्षेत्रों को भी पर्यटन के नजरिए से विकसित किया जाएगा। इससे राज्य में हजारों लोगों के लिए रोजगार (Employment) के नए अवसर सृजित होंगे। वहीं, पशुपालकों (Dairy Farmers) को आवश्यक सभी जानकारियां एसएमएस (SMS) के जरिए सीधे उनके फोन (Mobile Phone) पर उपलब्ध कराई जाएंगी। 
  • राज्य सरकार ने 1,58,785 किसानों (Farmers) को प्राकृतिक खेती के लिए प्रमाणित किया है। सामाजिक सुरक्षा के तहत प्रदेश में आठ पेंशन योजनाएं (Pension Schemes) चलाई जा रही हैं, जिससे जरूरतमंद लोगों को सहायता मिल रही है। मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना (Mukhyamantri Sukh-Aashray Yojana) के तहत अब अन्य जिलों के बच्चों को भी शैक्षणिक भ्रमण (Educational Tour) पर भेजा जाएगा, जिससे उनकी शिक्षा को नया दृष्टिकोण मिलेगा। 
  • मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि (Agriculture) और बागवानी (Horticulture) में कीटनाशकों (Pesticides) के अत्यधिक उपयोग को कम करना जरूरी है। इसके साथ ही, वन संरक्षण (Forest Conservation) पर भी ध्यान दिया जाएगा। सरकार ने लक्ष्य रखा है कि 2026 तक हिमाचल (Himachal) को पूरी तरह ग्रीन स्टेट के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके लिए ई-बसों (E-Buses) को बढ़ावा दिया जाएगा, और सरकारी विभागों में भी ई-वाहनों (E-Vehicles) को शामिल किया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था (Rural Economy) को मजबूत बनाने के लिए पहली बार न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की घोषणा की गई है, जिससे किसानों को अधिक लाभ मिलेगा। 
  • मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू (Sukhvinder Singh Sukhu) ने कहा कि पिछली सरकार से राज्य को 76,185 करोड़ रुपये का कर्ज (Loan) विरासत में मिला था। मौजूदा सरकार ने 12,266 करोड़ रुपये ब्याज (Interest Payment) के रूप में चुकाए, जबकि 8,087 करोड़ रुपये ऋण (Debt Repayment) की अदायगी की गई। इससे सरकार का बड़ा हिस्सा केवल कर्ज के ब्याज में चला गया। हालांकि, कृषि और संबद्ध क्षेत्रों में 3.38 प्रतिशत की वृद्धि (Growth Rate) संभावित है, जबकि प्रति व्यक्ति आय में 9.6 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।