PM Kisan Nidhi Yojana 22nd Installment Update: बस आने वाली है किसान निधि की 22वीं किस्त, घर बैठे ऐसे चेक करें अपना स्टेटस
- शिवराज सिंह चौहान के प्रदेश को मिली निराशा
- एमएसपी (MSP) और फसल बीमा पर क्या है स्थिति?
- नारियल, बादाम और मछली पालन के लिए बड़े एलान
- एआई टूल 'भाषा विस्तार' से मिलेगी सलाह
- डायरेक्ट कैश बेनिफिट की उम्मीद रह गई अधूरी
PM Kisan Nidhi Yojana 22nd Installment Update: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Finance Minister Nirmala Sitharaman) ने 26-27 के लिए आम बजट पेश किया। इस बजट से किसानों को काफी उम्मीद थी। खासतौर कि मध्य प्रदेश के अन्नदाता पीएम किसान सम्मान निधि (PM Kisan Nidhi) और फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) समेत कुछ अन्य मामलों में विशेष राहत की आस लगाए बैठे थे।
शिवराज सिंह चौहान के प्रदेश को मिली निराशा
क्योंकि यह केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान (Agriculture Minister Shivraj Singh Chouhan) का प्रदेश भी है, लेकिन वित्त मंत्री ने बजट भाषण में उनके सपनों और उम्मीदों पर पूरी तरह से पानी फेर दिया। किसानों को उम्मीद थी कि 26-27 के बजट में पीएम किसान सम्मान निधि (PM Kisan Samman Nidhi) 6000 रुपये से बढ़ाकर 9000 रुपये की जा सकती है। लेकिन वित्त मंत्री ने इस योजना का जिक्र तक नहीं किया।
एमएसपी (MSP) और फसल बीमा पर क्या है स्थिति?
फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी कि एमएसपी (Minimum Support Price) को लेकर भी बजट में कोई बात नहीं की गई। ना ही फसल बीमा योजना (Crop Insurance Scheme) में कोई राहत दी गई है। हालांकि बजट में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा कृषि सेक्टर (Agriculture Sector) में कुछ अच्छी घोषणाएं जरूर की गई हैं।
नारियल, बादाम और मछली पालन के लिए बड़े एलान
नारियल उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए कोकोनट प्रमोशन स्कीम (Coconut Promotion Scheme), पहाड़ी क्षेत्रों में बादाम, अखरोट, काजू और कोको की खेती को बढ़ावा दिया जाएगा। मछली पालन और डेयरी क्षेत्र (Dairy Sector) में निवेश को भी बढ़ावा मिलेगा। वैज्ञानिक चंदन की खेती को प्रोत्साहन दिया जाएगा। एक करोड़ किसानों को नेचुरल फार्मिंग (Natural Farming) का प्रशिक्षण दिया जाएगा और 6 करोड़ किसानों का डिजिटल रजिस्ट्रेशन भी होगा।
एआई टूल ‘भाषा विस्तार’ से मिलेगी सलाह
बहुभाषी एआई टूल ‘भाषा विस्तार’ (AI Tool Bhasha Vistaar) के जरिए किसानों को उनकी भाषा में सलाह दी जाएगी। स्टोरेज क्षमता बढ़ेगी और मछली पालन और डेयरी क्षेत्र में भी अतिरिक्त फंड (Additional Fund) दिया जाएगा। यह योजनाएं दीर्घकालिक लाभ देने वाली हैं, लेकिन मध्य प्रदेश के किसान आर्थिक मोर्चे पर जो फौरी राहत (Financial Relief) की आस लगाए बैठे थे, उसमें उन्हें निराशा हाथ लगी है।
डायरेक्ट कैश बेनिफिट की उम्मीद रह गई अधूरी
किसानों को फसल बीमा योजना, खाद सब्सिडी (Fertilizer Subsidy), जैविक खेती, नेचुरल फार्मिंग और मिट्टी सुधार के लिए बजट में कोई स्पष्ट रोडमैप (Roadmap) नहीं दिया गया है। डायरेक्ट कैश बेनिफिट (Direct Cash Benefit) की उम्मीद भी अधूरी रह गई है, जिससे किसानों को झटका लगा है।
