CM सुक्खू के दौरे बाद पांगी में हुई ऐसी व्यवस्था परिवर्तन कि 11:00 बजे खुल रहे सरकारी कार्यालय

पांगी। जिला चंबा की जनजातीय क्षेत्र पांगी में लोग दूर दराज क्षेत्र से अपना इनकम सर्टिफिकेट बनाने के लिए मुख्यालय किलाड़ पहुंच रहे हैं। लेकिन पटवार व्रत में पटवारी अपनी मनमर्जी से कार्यालय में पहुंच रहा है। जिससे लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

सोमवार को भी लोग अपना इनकम सर्टिफिकेट बनाने के लिए किलाड़ स्थित पटवार व्रत की कार्यालय बाहर सुबह 9:00 बजे से एक कतार में खड़े हुए। लेकिन करीब 11:00 पटवार व्रत के कार्यालय का दरवाजा चौकीदार द्वारा खोला गया। वहीं करीब 12:00 बजे पटवारी कार्यालय पहुंचा हुआ है। लोगों ने जब पटवारी से देरी से आने का कारण पूछा तो उनका जवाब रहा की सरकारी अन्य कार्यों के चलते में अब हर दिन देरी से ही कार्यालय पहुंच पाउंगा।

पांगी घाटी की 19 पंचायत में केवल दो पटवारी कार्यरत हैं वहीं अन्य पटवार वृत में पटवारी ना होने के कारण लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मौजूदा समय में पांगी घाटी में पांच पटवार खाने है। लेकिन उन में पटवारी ना होने के कारण लोगों को केवल दो पटवारी पर ही निर्भर रहना पड़ रहा है। वह भी कार्यालय में अपने मनमर्जी से पहुंच रहे हैं । ऐसे में लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है सोमवार को कि लाड़ में इनकम सर्टिफिकेट बनाने आए लोगों में विशंभर नाथ, सुरेंद्र, सुरेश, भूपेंद्र कुमार, देवराज, मोहिंदर सिंह, पवन कुमार वह किशनलाल ने बताया कि सुबह करीब वह 9:00 बजे पटवार वृत कार्यालय के बाहर कतार में खड़े हुए हैं

लेकिन पटवारी साहब 12:00 बजे कार्यालय पहुंचे हुए हैं। ऐसे में उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। लोगों ने जब इस संबंध में तहसीलदार पांगी शांता कुमार के साथ शिकायत दर्ज की तो उसके बाद तहसीलदार द्वारा पटवारी को कॉल से तुरंत कार्यलय जाने के आदेश दिए। तहसीलदार पांगी शांता कुमार ने बताया कि पटवारी को कड़े आदेश जारी कर दिए गए हैं कि भविष्य में इस तरह से कार्यालय में देरी से न पहुंचे।

जहां हिमाचल सरकार लगातार व्यवस्था परिवर्तन का नारा लगा रही है लेकिन प्रदेश के दूरदराज इलाकों में सरकारी कर्मचारी अपनी मनमानी कर रहे हैं। हाल ही में राज्य स्तरीय हिमाचल दिवस के दिन प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा व्यवस्था परिवर्तन सरकार बताते हुए पुरे हिमाचल में सरकारी तंत्र में परिवर्तन बताया हुआ है। शायद पांगी जैसे इलाके में सरकारी कर्मचारी उसे परिवर्तन के दायरे में नहीं आए हुए हैं। वही हालत इन दोनों देखने को भंगी में मिल रहे हैं जहां एक पटवारी ने ऐसी मनमानी चलाई हुई है कि लोगों के काम करने के लिए भी सुबह 11:00 बजे कार्यालय खुला रहा है और स्वयं 12:00 बजे ऑफिस पहुंच रहा है। बड़ी हैरानी की बात है कि पांगी प्रशासन एक पटवारी पर लगाम नहीं कस पा रहा है तो ऐसे में अन्य कर्मचारियों पर कैसे लगाम कैसेगा।