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Himachal News : हिमाचल में रूह कंपा देने वाला मामला, पानी पीते ही गले में जा चिपकी जिंदा जोंक

Himachal News : IGMC शिमला के डॉक्टरों ने 15 दिन से मरीज के गले में फंसी जिंदा जोंक को निकालकर कमाल कर दिया है। सिरमौर के रहने वाले इस शख्स ने नाले का पानी पिया था, जिससे जोंक सांस की नली में जा चिपकी थी।
Himachal News : हिमाचल में रूह कंपा देने वाला मामला, पानी पीते ही गले में जा चिपकी जिंदा जोंक
IGMC Shimla latest medical news
हाइलाइट्स
  • एमएमयू सोलन में हुई थी पहचान, फिर शिमला रेफर
  • सांस की नली पर मौत बनकर बैठी थी जोंक
  • नाले का पानी पीना पड़ा भारी

​Himachal News :  शिमला:  जरा सोचिए, आप प्यास बुझाने के लिए पानी पिएं और वही पानी आपकी जान का दुश्मन बन जाए। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में एक ऐसा ही दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। सिरमौर जिले के एक 55 वर्षीय व्यक्ति के गले में पिछले 15 दिनों से एक जिंदा जोंक (Live Leech) फंसी हुई थी। मरीज को सांस लेने में दिक्कत हो रही थी और उसकी आवाज तक बदल गई थी। गनीमत यह रही कि इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (IGMC Shimla) के डॉक्टरों ने सूझबूझ दिखाई और 20 मिनट के भीतर मरीज को मौत के मुंह से बाहर निकाल लिया।

एमएमयू सोलन में हुई थी पहचान, फिर शिमला रेफर

सिरमौर के पच्छाद इलाके के कांगेर धारयार गांव के रहने वाले सुरेश दत्त अपनी तकलीफ लेकर पहले एमएमयू सोलन गए थे। वहां जांच के दौरान डॉक्टरों को डायरेक्ट लैरिंगोस्कोपी (Laryngoscopy) करते वक्त मरीज के गले में कोई हिलती-डुलती चीज दिखाई दी। मामला गंभीर था, इसलिए मरीज को तुरंत शिमला रेफर कर दिया गया। आईजीएमसी के आपातकालीन विभाग (Emergency Department) में ईएनटी विशेषज्ञों ने जब मरीज को देखा, तो पता चला कि मामला बेहद पेचीदा है।

सांस की नली पर मौत बनकर बैठी थी जोंक

डॉक्टरों के लिए चुनौती बड़ी थी क्योंकि जोंक सांस की नली (Windpipe) के बिल्कुल पास चिपकी हुई थी। इसे चिमटी से खींचना या काटना खतरनाक हो सकता था। अगर जोंक का कोई हिस्सा टूटकर अंदर गिर जाता या वह और नीचे सरक जाती, तो मरीज की जान जा सकती थी। इसलिए मरीज को पल्मनरी विभाग (Pulmonary Department) में भेजा गया। यहाँ डॉक्टरों ने ब्रोंकोस्कोपी (Bronchoscopy) करने का फैसला किया। टीम ने बड़ी सावधानी से ‘सक्शन’ यानी खिंचाव के जरिए उस जिंदा जोंक को एक ही बार में बाहर खींच निकाला।

नाले का पानी पीना पड़ा भारी

सफल ऑपरेशन के बाद डॉक्टरों ने बताया कि सुरेश दत्त ने शायद किसी प्राकृतिक स्रोत या नाले का पानी (Stream Water) पिया था। पहाड़ी इलाकों में अक्सर पानी में जोंक होती हैं, जो पीते वक्त गले में अटक सकती हैं। डॉ. डिंपल के. भगलानी की अगुवाई में डॉ. राघव निरुला, डॉ. मयूर बग्गा, डॉ. निशांत और डॉ. कुमार सौरव की टीम ने यह सफल ऑपरेशन किया। फिलहाल मरीज पूरी तरह स्वस्थ है और उसकी हालत स्थिर है। डॉक्टरों ने लोगों को सलाह दी है कि बरसात के मौसम में या जंगलों में बहता पानी पीते समय बेहद सावधानी बरतें।

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Web Title: Igmc shimla doctors remove live leech from throat sirmaur patient recovery