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बड़ी उपलब्धि: हिमाचल की बेटी ने नापी आसमान की ऊंचाई, एयरफोर्स में में बनी फ्लाइंग ऑफिसर

पत्रिका न्यूज सर्विस: कुल्लू। हिमाचल प्रदेश की बेटियां आज किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं, चाहे वह खेल का मैदान हो या फिर देश की सुरक्षा की जिम्मेदारी। कुल्लू जिले के निरमंड की रहने वाली ज्योति ने अपनी कड़ी मेहनत के दम पर Indian Air Force में जगह बनाई है। उनकी इस ऐतिहासिक सफलता […]
ज्योति
ज्योति
HIGHLIGHTS
  • हवा में उड़ान भरने का था पुराना जुनून
  • पिता की राह पर बेटी: रगों में दौड़ता है देशप्रेम
  • आशीर्वाद और कड़ी मेहनत का मिला मीठा फल

पत्रिका न्यूज सर्विस: कुल्लू। हिमाचल प्रदेश की बेटियां आज किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं, चाहे वह खेल का मैदान हो या फिर देश की सुरक्षा की जिम्मेदारी। कुल्लू जिले के निरमंड की रहने वाली ज्योति ने अपनी कड़ी मेहनत के दम पर Indian Air Force में जगह बनाई है। उनकी इस ऐतिहासिक सफलता (Success) से न केवल उनके परिवार की बल्कि पूरे प्रदेश की आंखें गर्व से नम हैं। ज्योति ने साबित कर दिया है कि अगर इरादे बुलंद हों और लक्ष्य साफ हो, तो पहाड़ों की चढ़ाई भी आसान हो जाती है।

हवा में उड़ान भरने का था पुराना जुनून

ज्योति की पढ़ाई-लिखाई और वर्दी के प्रति उनका आकर्षण शुरू से ही काफी गहरा रहा है। उन्होंने अपनी स्नातक की पढ़ाई डीएवी कॉलेज चंडीगढ़ से पूरी की और वहीं से अपनी मंजिल की ओर कदम बढ़ाए। इस दौरान उन्होंने NCC Air Wing को जॉइन किया और कड़ा प्रशिक्षण (Training) प्राप्त कर एनसीसी का प्रतिष्ठित ‘सी’ सर्टिफिकेट ‘ए’ ग्रेड के साथ हासिल किया। उनकी काबिलियत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने को-पायलट के निर्देशन में चंडीगढ़ में 40-40 मिनट की दो सुरक्षित उड़ानें भरीं और हवा में ओवरटेकिंग और सुरक्षित लैंडिंग का भी प्रदर्शन किया।

पिता की राह पर बेटी: रगों में दौड़ता है देशप्रेम

ज्योति के लिए वर्दी पहनना सिर्फ एक नौकरी नहीं, बल्कि अपनी विरासत को आगे बढ़ाना है। उनके पिता तेजा देव वर्तमान में ITBP ASI के पद पर तैनात हैं और फिलहाल देश की उत्तर पूर्वी सीमा पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। ज्योति के पिता का सैन्य करियर भी काफी गौरव (Pride) भरा रहा है; उन्होंने वर्ष 2010-11 में संयुक्त राष्ट्र संघ की भारतीय शांति सेना के विदेशी मिशन के तहत अफ्रीका में भारत का गौरवशाली प्रतिनिधित्व किया था। पिता की इसी बहादुरी को देख ज्योति ने भी रक्षा क्षेत्र में अपना भविष्य बनाने का फैसला किया था।

आशीर्वाद और कड़ी मेहनत का मिला मीठा फल

एक मध्यमवर्गीय परिवार की बेटी के लिए फ्लाइंग ऑफिसर (Flying Officer) बनना कोई छोटी बात नहीं है। ज्योति की माता अरुणा देवी, जो एक कुशल गृहिणी हैं, बताती हैं कि उनकी बेटी ने दिन-रात एक कर इस परीक्षा की तैयारी की थी। परिवार का मानना है कि इस बड़ी उपलब्धि के पीछे उनकी मेहनत के साथ-साथ क्षेत्र के ईष्ट देवी-देवताओं का आशीर्वाद (Blessing) भी शामिल है। आज ज्योति उन हजारों पहाड़ी लड़कियों के लिए एक मिसाल बन चुकी हैं, जो अपनी आंखों में बड़े सपने संजोती हैं लेकिन संसाधनों के अभाव में रुक जाती हैं।

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Web Title: Kullu daughter jyoti selected flying officer indian air force nirmand