Himachal Crime || पंजाब में मर्डर कर हिमाचल के नशा मुक्ति केंद्र में मरीज बनकर छिपे थे कातिल, पुलिस ने रात के अंधेरे में ऐसे दबोचा

Himachal Crime || ऊना: हिमाचल प्रदेश के पड़ोसी राज्यों में संगीन वारदातों को अंजाम देने के बाद अपराधी पुलिस की नजरों से बचने के लिए हिमाचल का रुख कर रहे हैं। ऐसा ही एक ताजा मामला ऊना जिले से सामने आया है, जहां पंजाब पुलिस ने हिमाचल पुलिस के साथ मिलकर एक बड़े ऑपरेशन को अंजाम दिया। पंजाब के कपूरथला में हुई एक महिला की निर्मम हत्या के दो आरोपियों को पुलिस ने ऊना के एक नशा मुक्ति केंद्र से गिरफ्तार कर लिया है। ये दोनों आरोपी खुद को नशे का मरीज बताकर वहां छिपे हुए थे।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पंजाब और हिमाचल पुलिस ने बेहद गुप्त तरीके से इस ऑपरेशन की योजना बनाई। मिली जानकारी के मुताबिक, बुधवार देर रात कपूरथला सिटी थाना की पुलिस टीम ने ऊना पुलिस के सहयोग से हरोली क्षेत्र के लालूवाल स्थित एक नशा मुक्ति केंद्र पर अचानक दबिश दी। पुलिस को पुख्ता सूचना थी कि हत्यारे यहीं छिपे हैं। छापेमारी के दौरान पुलिस ने बलविंद्रजीत सिंह उर्फ तोता (निवासी जालंधर) और सुरिंद्र कुमार (निवासी होशियारपुर) को हिरासत में ले लिया। प्रारंभिक पूछताछ के बाद पंजाब पुलिस दोनों को अपने साथ ले गई है।
पुलिस से बचने के लिए ऊना के हरोली स्थित नशा मुक्ति केंद्र में छिपे थे आरोपी।
इस पूरे घटनाक्रम की जड़ें 3 जनवरी की उस खौफनाक शाम से जुड़ी हैं, जिसने कपूरथला को दहला दिया था। सीनपुरा मोहल्ले में रहने वाली 40 वर्षीय हेमप्रीत कौर उर्फ हेमा अपने घर पर मौजूद थीं। तभी बाइक सवार दो युवक जबरन घर में दाखिल हुए और ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। गोली लगने से हेमप्रीत कौर की मौत हो गई थी। जांच में सामने आया है कि महिला का पति और बेटा कनाडा में रहते हैं, जिसका फायदा उठाकर आरोपियों ने इस वारदात को अंजाम दिया।
वारदात के बाद पुलिस के लिए आरोपियों तक पहुंचना आसान नहीं था। पुलिस ने इलाके के तमाम सीसीटीवी कैमरे खंगाले, जिनमें दोनों आरोपी बाइक पर भागते हुए दिखाई दिए। इसके बाद पुलिस ने टेक्निकल सर्विलांस, मोबाइल लोकेशन और ह्यूमन इंटेलिजेंस का जाल बिछाया। कड़ियां जुड़ती गईं और तार हिमाचल प्रदेश के ऊना तक जा पहुंचे। जांच में पता चला कि पुलिस को चकमा देने के लिए आरोपियों ने नशा मुक्ति केंद्र (Drug de-addiction center) को अपना ठिकाना बनाया था ताकि किसी को उन पर शक न हो।
यह घटना सुरक्षा एजेंसियों के लिए भी चिंता का विषय है। अक्सर देखा जा रहा है कि मैदानी इलाकों के अपराधी हिमाचल के सुदूर इलाकों या नशा मुक्ति केंद्रों को ‘सेफ हाउस’ की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं। इस गिरफ्तारी ने नशा मुक्ति केंद्रों (Drug de-addiction center) में भर्ती होने वाले लोगों की पुलिस वेरिफिकेशन की जरूरत को एक बार फिर रेखांकित कर दिया है। फिलहाल पंजाब पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ कर हत्या के असली मकसद और साजिश की तह तक जाने की कोशिश कर रही है।
