शिमलाहिमाचल

Himachal Employees Salary and Pension Crisis : हिमाचल में 5 सितंबर को सैलरी और 10 सितंबर को आएगी पेंशन, विधानसभा में सीएम सुक्खू का ऐलान

Himachal Employees Salary and Pension Crisis : आज सदन में कर्मचारियों की पेंशन और सैलरी (Himachal Employees Salary and Pension) में हो रही देरी का मुद्दा उठाया गया। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर (Leader of Opposition Jairam Thakur) ने सैलरी और पेंशन खाते में शामिल नहीं होने पर सरकार से स्पष्टीकरण मांगा। जिस पर सीएम सुक्खू ने पूर्ववर्ती सरकार (CM Sukhu…
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HIGHLIGHTS
  • कब आएगी पेंशन और सैलरी ?
  • आर्थिक दबाव कम करने का प्रयास

Himachal Employees Salary and Pension Crisis : आज सदन में कर्मचारियों की पेंशन और सैलरी (Himachal Employees Salary and Pension) में हो रही देरी का मुद्दा उठाया गया। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर (Leader of Opposition Jairam Thakur) ने सैलरी और पेंशन खाते में शामिल नहीं होने पर सरकार से स्पष्टीकरण मांगा। जिस पर सीएम सुक्खू ने पूर्ववर्ती सरकार (CM Sukhu the previous government) पर हमला बोला और कहा कि कर्मचारियों को 5 सितंबर 2024 को वेतन और 10 सितंबर 2024 को पेंशन दी जाएगी।

हिमाचल प्रदेश में सैलरी का इंतजार कर रहे लगभग ढाई लाख कर्मचारियों और दो लाख पेंशनरों (2.5 lakh employees and 2 lakh pensioners) का इंतजार जल्द समाप्त होने वाला है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू (Chief Minister Sukhwinder Singh Sukhu) ने बुधवार को कहा कि कर्मचारियों को 5 सितंबर को भुगतान किया जाएगा।

कब आएगी पेंशन और सैलरी ?

मुख्यमंत्री सुखविंदर सुक्खू (Chief Minister Sukhwinder Singh Sukhu) ने बुधवार को हिमाचल विधानसभा के मानसून सत्र (monsoon session of assembly) के सातवें दिन कहा कि कर्मचारियों को 5 सितंबर को वेतन और 10 सितंबर को पेंशन दी जाएगी। CM ने कहा कि खर्चों का प्राप्तियों के साथ समन्वय करना मुख्य कारण है कि एक तारीख की बजाय 5 और 10 को वेतन-पेंशन देना चाहिए।सदन में वेतन और पेंशन को लेकर सीएम सुक्खू का वक्तव्य

आर्थिक दबाव कम करने का प्रयास

मुख्यमंत्री (CM)  ने कहा कि ये कर्ज पर ब्याज (interest on loan)  को कम करने का प्रयास है। 6 तारीख को भारत सरकार से रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट (Revenue Deficit Grant)  520 करोड़ रुपये मिलता है। सरकार को पहली तारीख को वेतन देने के लिए बाजार से लोन लेना पड़ता है, जिस पर 7.5 प्रतिशत ब्याज लगता है। ये ब्याज को कम करने का प्रयास है। इससे प्रति वर्ष 36 करोड़ रुपये (हर महीने 3 करोड़ रुपये) ब्याज बचेगा। वेतन पर 1200 करोड़ रुपये प्रति महीने और पेंशन पर 800 करोड़ रुपये प्रति महीने मिलाकर 2000 करोड़ रुपये खर्च होते हैं। 6 तारीख को राज्य को RDG के 520 करोड़ रुपये और केंद्रीय करों में हिस्सेदारी के 740 करोड़ रुपये मिलते हैं।

CM ने सदन को बताया कि हर महीने पहली तारीख को लोन लेने वालों को ब्याज से बचने के लिए 5 वेतन और 10 पेंशन मिलते हैं। लेकिन हम अगले महीने की पहली तारीख को वेतन और पेंशन मिल जाएगा। निगम और बोर्ड अपना वेतन देंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम कोशिश कर रहे हैं कि DA और अन्य बोर्ड-निगम लाभार्थी (board-corporation beneficiary) अपने पैसे से दें। CM ने कहा कि आने वाले समय में ट्रैजरी मैपिंग (treasury mapping) के अनुसार वेतन और पेंशन मिलेंगे।

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Web Title: Himachal employees salary and pension crisis
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