Himachal Cabinet Meeting Decision : हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू (Chief Minister Sukhwinder Singh Sukhu) की अध्यक्षता में शुक्रवार दोपहर बाद शुरू हुई Cabinet Meeting में कई अहम फैसले लिए गए। Cabinet Meeting की अध्यक्षता प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने के मंत्रिमंडल में बड़ा फैसला लेते हुए साधन संपन्न लोगों की 125 यूनिट निशुल्क बिजली बंद करने का फैसला प्रदेश सरकार की ओर से आज लिया गया है। वही इस कैबिनेट मीटिंग में साधन संपन्न लोगों को 125 यूनिट बिजली की जो सब्सिडी अब आज के बाद नहीं मिलेगी। इसके अलावा ए और बी श्रेण के सरकारी ठेकेदारों सहित आयकर देने वाले लोगों को बिजली की सब्सिडी भी नहीं मिलेगी एक परिवार का एक ही बिजली मीटर पर सब्सिडी दी जाएगी
इस संबंध में जानकारी देते हुए मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने बताया कि हिमाचल वित्तीय संकट के दौर से गुजर रहा है ऐसे में इस तरह के फैसले आज Cabinet Meeting में लिए गए हैं बिजली बोर्ड के पास कर्मचारियों को वेतन देने के भी पैसे नहीं है पिछली सरकार की ओर से बिजली की दी गई सब्सिडी की देनदारियां भी इस सरकार को भभूतनी पड़ रही है। वहीं उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि मुख्यमंत्री, पूर्व मुख्यमंत्री वह प्रदेश के मंत्री, पूर्व मंत्री, विधायक, पूर्व विधायक विधानसभा अध्यक्ष पूर्व विधानसभा अध्यक्ष विधानसभा उपाध्यक्ष, एमपी, पूर्व एमपी समेत आईएएस अधिकारियों वी प्रथम श्रेणी और द्वितीय श्रेणी के कर्मचारियों को 125 यूनिट बिजली निशुल्क नहीं मिलेगी।
हिमाचल सरकार बल्क ड्रक पार्क का चालीस प्रतिशत खर्च करेगी। हिमाचल सरकार 1000 करोड़ रुपये और केंद्र सरकार 1000 करोड़ रुपये इसमें देगी। प्रोजेक्ट 31 मार्च 2026 तक चलेगा। कैबिनेट ने 486 पदों के लिए शारीरिक शिक्षा के प्रवक्ता की अनुमति दी है। 157 पदों को प्रिंसिपल स्कूल ने मंजूर किया है। खाद्य आपूर्ति विभाग ने 30 खाद्य निरीक्षक पदों को मंजूर किया है। BDO के 27 नए पद स्वीकृत किए गए हैं। अब वीडियो कैडर 127 है। Cabinet Meeting ने 52 मुद्दों पर चर्चा की।
बैठक में हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग, हमीरपुर के सुचारू संचालन के लिए विभिन्न श्रेणियों के 30 पद भरने को मंजूरी प्रदान की गई। लोक निर्माण विभाग में जूनियर आफिस असिस्टेंट (आईटी) के 30 पद भरने का निर्णय भी लिया गया। बैठक में निर्णय लिया गया कि खंड विकास अधिकारी के 27 अतिरिक्त पद भरे जाएंगे जिससे कैडर की क्षमता 123 हो जाएगी। मंत्रिमण्डल ने शिक्षा विभाग में तीन वर्षों का सेवाकाल पूर्ण करने वाले एवं राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद् के मापदण्डों को पूरा करने वाले 18 ग्रामीण विद्या उपासकों को जूनियर बेसिक टीचर के रूप नियमित करने का निर्णय लिया गया है।
डॉ. राधाकृष्णन चिकित्सा महाविद्यालय, हमीरपुर में पृथक कार्डियोलॉजी विभाग स्थापित करने को स्वीकृति प्रदान की गई है। इसके सुचारू संचालन के लिए प्रोफेसर, अस्सिटेंट प्रोफेसर और सीनियर रेजिडेंट चिकित्सकों के तीन पद सृजित कर भरे जाएंगे। बैठक में खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग में जिला नियंत्रक, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले के दो पदों को सीधी भर्ती के माध्यम से भरने की मंजूरी प्रदान की गई। राजस्व विभाग में पटवारी, कानूनगो के जिला कैडर और नायब तहसीलदार के उप-मण्डल कैडर को प्रदेश कैडर के रूप में घोषित करने का निर्णय लिया गया है। मंत्रिमण्डल ने हिमाचल विज्ञान प्रौद्योगिकी एवं पर्यावरण परिषद् के तत्वावधान में आर्यभट भू-सूचना एवं अंतरिक्ष केंद्र में कार्यरत कर्मचारियों को तीन प्रतिशत वार्षिक वृद्धि के साथ मानदेय प्रदान करने को स्वीकृति प्रदान की। मंत्रिमंडल ने उन महिला सरकारी कर्मचारियों को अपने पूरे सेवाकाल के दौरान अधिकतम 730 दिनों की शिशु देखभाल अवकाश प्रदान करने का भी निर्णय लिया जिनके बच्चे को न्यूनतम 40 प्रतिशत दिव्यांगता हो।
उत्कृष्ट सेवाओं के लिए शिक्षकों को सम्मानित करने के लिए हिमाचल प्रदेश राज्य स्कूल शिक्षा पुरस्कार योजना-2024 शुरू करने को मंत्रिमंडल ने स्वीकृति प्रदान की है।
बैठक में दिव्यांग व्यक्तियों के कल्याण के लिए एक समर्पित राज्य कोष के गठन को मंजूरी प्रदान की गई है। आजीवन कारावास की सजा काट रहे 16 बंदियों की समय पूर्व रिहाई के लिए राज्यपाल से सिफारिश की गई है। मंत्रिमंडल ने हिमाचल प्रदेश मोटर वाहन नियम, 1999 में संशोधन को स्वीकृति प्रदान दी, जिसके अन्तर्गत राज्य में दो पहिया वाहनों के पंजीकरण के लिए भारतीय मानक ब्यूरो द्वारा प्रमाणित दो सुरक्षात्मक हैडगियर्स की खरीद के अधिकृत रसीद प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।
मंत्रिमंडल ने हमीरपुर ज़िले में बाबा बालक नाथ मंदिर दियोटसिद्ध मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए टैक्सी पार्किंग से दियोटसिद्ध मंदिर तक रज्जू मार्ग स्थापित करने को स्वीकृति दी। मरीजों की सुविधा के लिए आईजीएमसी शिमला और डॉ. राजेंद्र प्रसाद चिकित्सा महाविद्यालय, टांडा के लिए दो-दो पैटस्केन मशीनें तथा आईजीएमसी शिमला के लिए एक स्पैक्टस्कैन मशीन खरीदने का निर्णय लिया गया है।