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Gandhari Village: सीमांत क्षेत्र में विकास की रेखा, आजादी के 77 साल बाद गंधारी गांव को मिली सड़क सुविधा

किश्तवाड़: आजादी के 77 सालों बाद जम्मू-कश्मीर के सीमावर्ती गांव गंधारी (Gandhari, a border village of Jammu and Kashmir) को सड़क से जोड़ दिया गया है। यह खबर न केवल सीमांत क्षेत्र में बसे लोगों के लिए बल्कि हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। 14 नवंबर 2024 को यह मील का पत्थर उस…
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HIGHLIGHTS
  • गंधारी पंचायत की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
  • सड़क सुविधा से जुड़ने का महत्व
  • ग्रामीणों का संघर्ष और उम्मीदें
  • विधायक सुनील शर्मा की भूमिका

किश्तवाड़: आजादी के 77 सालों बाद जम्मू-कश्मीर के सीमावर्ती गांव गंधारी (Gandhari, a border village of Jammu and Kashmir) को सड़क से जोड़ दिया गया है। यह खबर न केवल सीमांत क्षेत्र में बसे लोगों के लिए बल्कि हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। 14 नवंबर 2024 को यह मील का पत्थर उस समय स्थापित हुआ जब चंबा जिले के पांगी क्षेत्र के बॉर्डर के पास गंधारी पंचायत का पहला गांव भटवास सड़क सुविधा से जुड़ा। यह सड़क निर्माण प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना (PMGSY) के तहत हुआ है, और दिसंबर तक गंधारी पंचायत के अन्य गांवों को भी सड़क सुविधा मिलने की संभावना है।

गंधारी पंचायत की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

गंधारी गांव (Gandhari Village) का संबंध एक समय में हिमाचल प्रदेश से हुआ करता था, लेकिन 1839 में इसे जम्मू-कश्मीर की रियासत में शामिल कर लिया गया। यह गांव चंबा जिले के पांगी क्षेत्र से सटा हुआ है और यहाँ पर हिमाचल तथा जम्मू-कश्मीर के बॉर्डर का निर्माण होता है। गांव की भौगोलिक स्थिति और दुर्गम पहाड़ियों के कारण वर्षों से यह क्षेत्र सड़क सुविधाओं से वंचित रहा। इस वजह से यहाँ के लोगों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ा, जैसे कि स्वास्थ्य, शिक्षा, और आपातकालीन सेवाओं की कमी।

सड़क सुविधा से जुड़ने का महत्व

गंधारी पंचायत Gandhari Village) की कुल जनसंख्या करीब 2,500 के आसपास है और इसमें लगभग छह गांव शामिल हैं – भटवास, चग, मुठल, खजरूड़ी, अलिया और टून भटौरी। अब जबकि भटवास गांव तक सड़क पहुँच गई है, यहाँ के निवासियों में खुशी का माहौल है। पंचायत प्रधान राज कुमार ने बताया कि सड़क निर्माण के इस कार्य ने यहां के लोगों के जीवन में नई उम्मीदें जगाई हैं। पंचायत के अंतिम गांव, गंधारी भटौरी तक भी जल्द ही सड़क पहुँचने की संभावना है, जिससे यहाँ की आबादी को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

ग्रामीणों का संघर्ष और उम्मीदें

गांव के निवासियों, जैसे कि रंजीत सिंह, तिरथ राम, रमेश कुमार, चेत राम, प्रेम लाल और ओम राज ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए बताया कि वे वर्षों से सड़क की मांग कर रहे थे। कई बार उनकी मांगों को केवल आश्वासन तक ही सीमित कर दिया गया था, लेकिन अब इस कार्य को साकार होते देखना उनके लिए किसी सपने के सच होने जैसा है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें कभी उम्मीद नहीं थी कि उनके गांव तक सड़क पहुँच पाएगी।

विधायक सुनील शर्मा की भूमिका

इस सड़क निर्माण कार्य के पीछे स्थानीय विधायक सुनील शर्मा (Local MLA Sunil Sharma) का महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना (PMGSY) के अंतर्गत इस सड़क निर्माण को शुरू करवाने के लिए आवश्यक कदम उठाए। ग्रामीणों के अनुसार, विधायक के इस प्रयास ने उनकी वर्षों पुरानी मांग को पूरा किया और दो साल के अंदर इस सड़क निर्माण कार्य को संपन्न करवा दिया। अब सड़क बनने के बाद यहां के लोगों के जीवन में कई सकारात्मक बदलाव आने की उम्मीद है। – खबर लेखक: वीरू राणा पंगवाल 

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Web Title: Line of development in marginal area
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