What is UGC bill in India: क्या कॉलेजों में खत्म होगा जातिगत भेदभाव? सुप्रीम कोर्ट ने क्यों लगाई UGC के नए नियमों पर रोक, जानें पूरा सच
- UGC Bill 2026: आखिर क्या है यूजीसी का मुख्य उद्देश्य?
- What is UGC bill in India: UGC का गठन और इसके प्रमुख कार्य
- What is UGC bill in India: यूजीसी समिति में कौन-कौन से सदस्य होंगे शामिल?
- What is UGC bill in India: क्या है UGC Regulation 2026 और क्यों मचा है बवाल?
What is UGC bill in India: विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने भारतीय विश्वविद्यालयों में निष्पक्षता, समानता और सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से UGC अधिनियम 2026 (UGC Act 2026) लागू किया है। इन नए नियमों का मकसद छात्रों, शिक्षकों और विश्वविद्यालयों में कार्यरत कर्मचारियों को शिक्षा परिसरों में किसी भी प्रकार के भेदभाव से मुक्त माहौल देना है, ताकि सभी स्वयं को सम्मानित और समान महसूस कर सकें। नियमों में जातिगत भेदभाव (Caste Discrimination) को स्पष्ट रूप से परिभाषित किया गया है, जिससे ऐसी गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाई जा सके। UGC एक्ट 2026 के तहत अब सभी उच्च शिक्षण संस्थानों के लिए भेदभाव रोकना अनिवार्य होगा और हर संस्थान को Equal Opportunity Centre (EOC) स्थापित करना होगा।
यह केंद्र शिकायतों की जांच करेगा और छात्रों व कर्मचारियों की सहायता के लिए 24×7 हेल्पलाइन (Helpline) भी संचालित करेगा। इन नियमों के जरिए UGC उच्च शिक्षा संस्थानों में पारदर्शिता, जवाबदेही और सामाजिक न्याय को मजबूत करना चाहता है। हालांकि, इस बीच एक बड़ा अपडेट यह है कि सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने यूजीसी के इन नए नियमों पर फिलहाल रोक लगा दी है, जिसकी अगली सुनवाई अब 19 मार्च को की जाएगी।
UGC Bill 2026: आखिर क्या है यूजीसी का मुख्य उद्देश्य?
यूजीसी का मुख्य उद्देश्य धर्म, नस्ल, जाति, लिंग, जन्म-स्थान या दिव्यांगता के आधार पर, विशेष रूप से अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति, सामाजिक एवं शैक्षणिक रूप से पिछड़े वर्गों, आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों या दिव्यांगजनों के विरुद्ध भेदभाव का उन्मूलन करना है। उच्च शिक्षा संस्थानों (Higher Education Institutions) के सभी हितधारकों को समता एवं समावेशन को संवर्धन देना इस कानून की प्राथमिकता है।
What is UGC bill in India: UGC का गठन और इसके प्रमुख कार्य
यूजीसी का फुल फॉर्म विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (University Grants Commission) है। इसकी स्थापना साल 1956 में भारतीय विश्वविद्यालयों में एकसमान और व्यवस्थित विकास को सुनिश्चित करने के लिए की गई थी। इसका मुख्यालय देश की राजधानी दिल्ली (Delhi) में मौजूद है। इसके मुख्य कार्यों में विश्वविद्यालयों को अनुदान आवंटित करना, उच्च शिक्षा सुधारों पर सलाह देना और शिक्षा की गुणवत्ता व मानकों को बनाए रखना शामिल है।
What is UGC bill in India: यूजीसी समिति में कौन-कौन से सदस्य होंगे शामिल?
यूजीसी की इस विशेष समिति में एक अध्यक्ष, एक उपाध्यक्ष और केंद्र सरकार द्वारा नियुक्त 10 सदस्य शामिल होते हैं। इसमें संस्थान के प्रमुख, तीन प्रोफेसर, एक गैर-शिक्षण कर्मचारी और दो छात्र प्रतिनिधि (Students) शामिल किए जाएंगे। इसके अलावा, नागरिक समाज के दो प्रतिनिधियों को भी जगह दी गई है। समान अवसर केंद्र का समन्वयक इस समिति में सदस्य सचिव के रूप में कार्य करेगा।
What is UGC bill in India: क्या है UGC Regulation 2026 और क्यों मचा है बवाल?
सरकार ने विश्वविद्यालयों में आरक्षित वर्ग के छात्रों के लिए जाति आधारित भेदभाव को रोकने के लिए इन नियमों को पेश किया है। उच्च शिक्षा संस्थानों को समानता विनियमों के तहत एक समान अवसर प्रदान करना ही इसका मुख्य लक्ष्य है। सरकार ने यह भी कहा है कि इन विनियमों में सामान्य श्रेणी के उम्मीदवारों के लिए भी प्रावधान जोड़े जाएंगे ताकि उनकी शिकायतों का भी समाधान हो सके। फिलहाल, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सभी की नजरें 19 मार्च की सुनवाई पर टिकी हैं।
