सुपर स्टोरी

Success Story || दो बार साक्षात्कार में असफलता के बाद भी नहीं मानी हार, 3rd अटेम्प्ट में IAS बनीं पूज्य प्रियदर्शनी

Success Story IAS  Pujya Priyadarshini || संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) द्वारा आयोजित सिविल सर्विस एग्जाम सबसे कठिन में से एक है। इस एग्जाम में सफलता की सीढ़ी चढ़ने वाले ही कुछ कठिन मेहनत करेंगे। आज हम IAS पूज्य प्रियदर्शनी की बात कर रहे हैं, जो 2018 में यूपीएससी सिविल सर्विस एग्जाम में 11वीं रैंक हासिल कर अपने सपने को…
An image of featured content
This is the caption text
HIGHLIGHTS
  • Success Story IAS  Pujya Priyadarshini || संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) द्वारा आयोजित सिविल सर्विस एग्जाम सबसे कठिन में से एक है। इस एग्जाम में सफलता की सीढ़ी चढ़ने वाले ही कुछ कठिन मेहनत करेंगे। आज हम IAS पूज्य प्रियदर्शनी की बात कर रहे हैं, जो 2018 में यूपीएससी सिविल सर्विस एग्जाम में 11वीं रैंक हासिल कर अपने सपने को पूरा किया। FS पूज्य प्रियदर्शिनी की सफलता की कहानी लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा दायक है.   पूज्या प्रियदर्शिनी ने दिल्ली से बीकॉम पूरा किया है.
  • दो बार इंटरव्यू में असफलता के बाद छोड़ने का निर्णय लिया || Success Story IAS  Pujya Priyadarshini ||

Success Story IAS  Pujya Priyadarshini || संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) द्वारा आयोजित सिविल सर्विस एग्जाम सबसे कठिन में से एक है। इस एग्जाम में सफलता की सीढ़ी चढ़ने वाले ही कुछ कठिन मेहनत करेंगे। आज हम IAS पूज्य प्रियदर्शनी की बात कर रहे हैं, जो 2018 में यूपीएससी सिविल सर्विस एग्जाम में 11वीं रैंक हासिल कर अपने सपने को पूरा किया। FS पूज्य प्रियदर्शिनी की सफलता की कहानी लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा दायक है.   पूज्या प्रियदर्शिनी ने दिल्ली से बीकॉम पूरा किया है.

इसके बाद वो आगे की पढ़ाई के लिए विदेश चली गईं.  ग्रेजुएशन के बाद पूज्य ने न्यूयॉर्क के कोलंबिया विश्वविद्यालय से पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन में मास्टर डिग्री प्राप्त की.  न्यूयॉर्क से मास्टर्स करने के बाद पूज्य ने 2 साल एक कंपनी में काम भी किया. वहीं, UPSC की तैयारी में लग गईं.  साल 2013 में पूज्य ने पहली बार परीक्षा दी लेकिन पास नहीं हो पाईं. इसके बाद उन्होंने 3 साल का गैप ले लिया.  पूज्य को साल 2018 यूपीएससी परीक्षा में सफलता हाथ लगी. वो रैंक 11 के साथ IFS कैडर के लिए चुनी गईं.

दो बार इंटरव्यू में असफलता के बाद छोड़ने का निर्णय लिया || Success Story IAS  Pujya Priyadarshini ||

इस लक्ष्य को पूज्य प्रियदर्शनी ने तीसरी बार हासिल किया। इससे पहले वे तीन बार हार गई थीं। यहां तक कि वे दो बार इंटरव्यू के दौरान तक पहुंचने में सफल रहीं। लेकिन वे दोनों बार इंटरव्यू पूरा नहीं कर सकीं। तब उनका साहस टूट गया और उन्होंने इसे छोड़ने का निर्णय लिया। लेकिन परिवार की प्रेरणा और उनकी मदद से उन्होंने फिर से हिम्मत जुटाकर तीसरी बार में इंटरव्यू राउंड क्लियर किया और दसवीं रैंक हासिल कर अपना और परिवार का नाम रोशन किया। IAS पूज्य प्रियदर्शनी ने यूपीएससी की तैयारी कर रहे लोगों को भी सलाह दी कि वे असफलता से कभी नहीं घबराएं। सभी को अपनी गलतियों का आंकलन करना चाहिए और फिर से ऐसा करने का प्रयास करना चाहिए। गलतियों से सीखकर अपने लक्ष्यों को पूरा कर सकते हैं।

विज्ञापन
Web Title: Success story ias pujya priyadarshini
End of Article