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3.30 करोड़ में बिका 400 साल पुराना यह ‘जादुई’ सिक्का, लुटेरे के सोने से जुड़ा है इसका गहरा रहस्य

ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ प्रथम के शासनकाल का एक दुर्लभ सोने का सिक्का नीलामी में 3.30 करोड़ रुपये में बिका है। इतिहासकार मानते हैं कि इस 'शिप रायल' सिक्के को बनाने में उस सोने का इस्तेमाल हुआ था जिसे सर फ्रांसिस ड्रेक ने स्पेनिश जहाजों से लूटा था।
3.30 करोड़ में बिका 400 साल पुराना यह 'जादुई' सिक्का, लुटेरे के सोने से जुड़ा है इसका गहरा रहस्य
3.30 करोड़ में बिका 400 साल पुराना यह 'जादुई' सिक्का, लुटेरे के सोने से जुड़ा है इसका गहरा रहस्य

इतिहास के पन्नों में दबी चीजें जब बाहर आती हैं, तो उनकी कीमत और कहानी दोनों ही हैरान कर देती हैं। ऐसा ही कुछ हुआ है एक छोटे से सोने के सिक्के के साथ, जो आज करोड़ों का खजाना बन गया है। ब्रिटेन की मशहूर महारानी एलिजाबेथ प्रथम के जमाने का यह सिक्का हाल ही में एक नीलामी में रिकॉर्ड तोड़ कीमत पर बिका है। हेरिटेज ऑक्शन में इस ऐतिहासिक धरोहर के लिए बोली लगाने वालों में होड़ मच गई और आखिरकार यह 3,72,000 डॉलर यानी करीब 3.30 करोड़ रुपये में नीलाम हुआ। इस rare gold coin auction ने दुनिया भर के पुराना सिक्का जमा करने वाले शौकीनों का ध्यान अपनी ओर खींचा है।

इस सिक्के की भारी-भरकम कीमत की वजह सिर्फ इसका सोना नहीं है, बल्कि इसके पीछे छिपी रोमांचक कहानी है। आधिकारिक तौर पर इसे ‘एलिजाबेथ प्रथम गोल्ड शिप रायल’ कहा जाता है, जिसे 1584 से 1586 के बीच ढाला गया था। इतिहासकारों का मानना है कि इन सिक्कों को ढालने के लिए उस सोने का इस्तेमाल किया गया था, जिसे मशहूर सर फ्रांसिस ड्रेक ने स्पेनिश जहाजों से लूटा था। अंग्रेज ड्रेक को अपना हीरो मानते थे, जबकि स्पेन के लोग उन्हें एक खूंखार समुद्री लुटेरा कहते थे। यही वजह है कि Sir Francis Drake gold से जुड़े होने के कारण इस सिक्के की अहमियत कई गुना बढ़ जाती है।

सिक्के की बनावट और उस पर उकेरी गई कलाकृति उस दौर की कहानी बयां करती है। सिक्के के सामने वाले हिस्से पर महारानी एलिजाबेथ प्रथम को एक जहाज के डेक पर शान से खड़े दिखाया गया है। उनके हाथ में राजदंड और ओर्ब है, जो समुद्र पर इंग्लैंड की बढ़ती ताकत का प्रतीक था। विद्वानों का कहना है कि यह Elizabeth I Ship Ryal value इसलिए भी ज्यादा है क्योंकि यह सिक्का 1588 में स्पेनिश अर्माडा की हार से ठीक पहले समुद्र पर अंग्रेजों के दबदबे को दर्शाता है।

सिक्के के पिछले हिस्से पर भी एक खास संदेश छिपा है। यहां फूलों के डिजाइन के साथ एक क्रॉस बना है और लैटिन भाषा में बाइबिल का एक संदेश लिखा है, जिसका अर्थ है- ‘लेकिन यीशु, उनके बीच से गुजरते हुए, अपने रास्ते चले गए।’ यह उस समय के धार्मिक और राजनीतिक माहौल को भी दर्शाता है। 400 साल से भी ज्यादा पुराना होने के बावजूद यह सिक्का ‘मिंट स्टेट’ कंडीशन में है, यानी यह बिल्कुल नया जैसा दिखता है। ऐसे ancient coin design features अब दुनिया में बहुत कम ही देखने को मिलते हैं।

हेरिटेज ऑक्शन के अधिकारियों का कहना है कि यह सिक्का एक अविश्वसनीय कलेक्शन का हिस्सा था। ब्रिटिश सिक्कों के इतिहास में ‘रायल’ का अपना एक अलग महत्व है, जो मूल रूप से 60 शिलिंग के बराबर होता था। आज के समय में भले ही रियाल कुछ देशों की मुद्रा हो, लेकिन ब्रिटेन का यह ऐतिहासिक रायल अब केवल संग्रहालयों या बड़े रईसों की तिजोरियों की शोभा बढ़ा रहा है। इस numismatic coin collection की मांग दुनिया भर में सबसे ज्यादा है, और यही कारण है कि इसकी बोली करोड़ों तक पहुंच गई।

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Web Title: Rare elizabeth first gold ship ryal coin sold for 3 crore rupees
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