Computer Science Degree: AI के दौर में खत्म हो जाएगी CS डिग्री की वैल्यू? नई स्टडी में दिखी हकीकत, इसमें भारतीयों के लिए क्या है
Computer Science Degree: पूरी दुनिया में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का डंका बज रहा है और इसका सबसे गहरा असर टेक सेक्टर पर देखने को मिल रहा है। अमेरिका से लेकर भारत तक, हर जगह यही चर्चा है कि AI के आने से कोडिंग की नौकरियां खत्म हो जाएंगी। बड़े-बड़े टेक लीडर्स के बयानों ने भी आग में घी डालने का काम किया है, जिससे Computer Science Degree की पढ़ाई कर रहे छात्रों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच गई हैं। ऐसा माना जा रहा था कि जो काम जूनियर डेवलपर्स करते थे, वो अब AI मिनटों में कर रहा है। लेकिन, इन तमाम आशंकाओं के बीच अमेरिका से आई एक नई स्टडी ने तस्वीर का दूसरा पहलू दिखाया है, जो बेहद सुकून देने वाला है।
सैलरी में 7% का उछाल: आंकड़ों ने दिया आलोचकों को जवाब
फॉर्च्यून मैगजीन द्वारा प्रकाशित ‘नेशनल एसोसिएशन ऑफ कॉलेज एंड एंप्लॉयर्स’ (NACE) के 2026 विंटर सैलरी सर्वे ने सभी को चौंका दिया है। इस रिपोर्ट के मुताबिक, Computer Science Degree हासिल करने वाले फ्रेशर्स की मांग में कोई कमी नहीं आई है। हैरानी की बात यह है कि उनकी शुरुआती औसत सैलरी 81,535 डॉलर (करीब 74 लाख रुपये) तक पहुंच गई है। पिछले साल के मुकाबले इसमें 7% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। यह आंकड़े साफ करते हैं कि भले ही AI कोडिंग कर सकता हो, लेकिन उस टेक्नोलॉजी को संभालने और इनोवेट करने के लिए कंपनियों को आज भी स्किल्ड ह्यूमन ब्रेन की ही जरूरत है।
सिर्फ टेक नहीं, हर सेक्टर में है डिग्री वालों की पूछ
इस सर्वे में केवल टेक कंपनियों को ही शामिल नहीं किया गया, बल्कि शेवरॉन, सीवीएस हेल्थ, पेप्सिको और वेरिजॉन जैसी 150 बड़ी कंपनियों की राय ली गई है। इससे साबित होता है कि Computer Science Degree की वैल्यू सिर्फ सॉफ्टवेयर कंपनियों तक सीमित नहीं है, बल्कि हर सेक्टर में डिजिटलाइजेशन के चलते इसकी डिमांड है। Code.org के सीईओ करीम मेघजी का मानना है कि जिनके पास टेक की बुनियादी समझ और डिग्री होगी, वही भविष्य में AI का नेतृत्व करेंगे। यानी मशीनें इंसानों को रिप्लेस नहीं कर रही हैं, बल्कि डिग्री होल्डर्स को और ज्यादा पावरफुल बना रही हैं।
लाखों भारतीय छात्रों के लिए अमेरिका से ‘गुड न्यूज’
यह रिपोर्ट भारतीय छात्रों के लिए किसी संजीवनी से कम नहीं है। ओपन डोर्स की 2025 की रिपोर्ट बताती है कि अमेरिका में 3.63 लाख से ज्यादा भारतीय छात्र पढ़ाई कर रहे हैं, जिनमें से करीब 43.4% छात्र Computer Science Degree ले रहे हैं। AI के डर से इन छात्रों को अपने भविष्य और जॉब सिक्योरिटी की चिंता सता रही थी। लेकिन NACE के सर्वे और IBM जैसी कंपनियों द्वारा लाखों एंट्री-लेवल जॉब्स देने के ऐलान ने यह साफ कर दिया है कि अगर आपके पास सही डिग्री और स्किल है, तो नौकरी के लिए धक्के खाने की नौबत नहीं आएगी।
