यात्रियों की सुरक्षा के लिए बड़ा कदम, इस राज्य में ओला-उबर कंपनियों को देना होगा 5 लाख का लाइसेंस शुल्क
government taxi aggregator policy || उत्तर प्रदेश में ऐप-आधारित टैक्सी सेवाओं (Ola, Uber) के संचालन को लेकर योगी सरकार ने एक बड़ा और सख्त फैसला लिया है। परिवहन विभाग अब इन कंपनियों को एक औपचारिक नियामक ढांचे के तहत लाने की तैयारी कर चुका है। राज्य कैबिनेट की हालिया बैठक में मोटरयान नियमावली में संशोधन करते हुए नई गाइडलाइंस को मंजूरी दी गई है। UPEIDA और परिवहन विभाग का मुख्य उद्देश्य राज्य में यात्रियों की सुरक्षा को सुनिश्चित करना और टैक्सी एग्रीगेटर कंपनियों की मनमानी पर लगाम लगाना है।
अनिवार्य पंजीकरण और लाइसेंसिंग प्रक्रिया
नई व्यवस्था के तहत अब किसी भी टैक्सी एग्रीगेटर कंपनी के लिए उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग में पंजीकरण कराना अनिवार्य है। परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह के अनुसार, केंद्र सरकार के 1 जुलाई 2025 के संशोधित नियमों के अनुरूप यूपी सरकार ने यह कदम उठाया है। अब कंपनियों को संचालन के लिए 5 लाख रुपये का लाइसेंस शुल्क और 25,000 रुपये का आवेदन शुल्क जमा करना होगा। यह लाइसेंस 5 वर्ष के लिए वैध होगा और उसके बाद 5,000 रुपये के शुल्क के साथ इसका नवीनीकरण (Renewal) किया जाएगा।
ड्राइवरों के लिए सख्त सुरक्षा मानक
अब तक यह पता लगाना मुश्किल होता था कि कौन वाहन चला रहा है, लेकिन नई गाइडलाइंस के बाद पूरी जवाबदेही तय कर दी गई है। प्रत्येक चालक का मेडिकल टेस्ट, वाहन की नियमित फिटनेस जांच और पुलिस सत्यापन अनिवार्य होगा। इतना ही नहीं, एग्रीगेटर कंपनियों को 24×7 कंट्रोल रूम बनाना होगा ताकि किसी भी रूट विचलन (Route Deviation) पर तुरंत अलर्ट मिल सके। यात्रियों की सुरक्षा के लिए पैनिक बटन और वाहन लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (VLTD) का होना भी जरूरी कर दिया गया है।
पारदर्शिता के लिए बनेगा विशेष ऐप
सरकार की इस नई पॉलिसी में यात्रियों को मिलने वाली सुविधाओं पर विशेष जोर दिया गया है। सरकार एक डिजिटल प्लेटफॉर्म (ऐप) विकसित करेगी, जिससे यात्रियों को ड्राइवर का नाम, लाइसेंस नंबर और वाहन की जानकारी सार्वजनिक रूप से उपलब्ध होगी। इसके अलावा, यात्रियों के लिए न्यूनतम 5 लाख रुपये का बीमा कवर भी सुनिश्चित किया जाएगा। इन कड़े नियमों के लागू होने के बाद, उत्तर प्रदेश में कैब सेवाएं न केवल अधिक सुरक्षित होंगी, बल्कि शिकायत निवारण के लिए भी एक पारदर्शी तंत्र तैयार हो सकेगा।
