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Himachal Weather News || हिमाचल में मौसम विभाग ने फिर से जारी किया अलर्ट, अगले तीन दिन ऐसा रहेगा प्रदेश का मौसम

आंधी-ओलावृष्टि और वर्षा के कारण मैदानी क्षेत्रों में रह रहे लोगों की चिंता बढ़ा दी है क्योंकि गेहूं की फसल व सेब के पौधों में आए फूलों को भारी क्षति पहुंची है
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Himachal Weather News ||  हिमाचल प्रदेश में रविवार को कई जगहों पर बारिश (rain)  या बर्फबारी (snowfall) होने की संभावना हैl शुक्रवार रात को राजधानी शिमला समेत कई जगहों पर बादल छाए रहे और पहाड़ों (hills) पर बर्फबारी हुई. राज्य में कुल 104 सड़कें पूरी तरह से अवरुद्ध हैं. 22 और 23 अप्रैल के लिए येलो अलर्ट (yellow alart) जारी किया गया है. रविवार को जिले के अधिकांश हिस्सों (maximum parts) में आसमान बादलों से घिरा रहा। शनिवार शाम तक लाहौल-स्पीति में 99 सड़कें और चंबा जिले में 112 बिजली ट्रांसफार्मर बंद रहे। 133 बिजली ट्रांसफार्मर बंद होने से कई इलाकों में अंधेरा पसरा हुआ है.

राज्य में रात भर बारिश और गरज के साथ बारिश हुई। केलांग समेत ऊंचाई वाले इलाकों में तीन इंच बर्फबारी हुई और न्यूनतम तापमान (minimum temperature) जमाव बिंदु से नीचे चला गया।मौसम में आए बदलाव के कारण केलांग और कुकुमसेरी का न्यूनतम तापमान एक बार फिर माइनस में चला गया है। जिले में भारी बारिश से मक्के और केले की फसल को नुकसान (damage) हुआ हैl न्यूनतम तापमान में एक से तीन डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई, जबकि बिलासपुर और पांवटा साहिब में तीन से चार डिग्री की बढ़ोतरी दर्ज की गई। न्यूनतम तापमान (minimum temperature) सामान्य से तीन डिग्री कम रहा. न्यूनतम तापमान सामान्य से सात डिग्री कम रहाl 

रोहतांग दर्रा, कुंजम दर्रा, शिंकुला और बारालाचा सहित ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी जारी रही।शिंकुला के साथ-साथ बीआरओ के लिए रोहतांग, मनाली-लेह मार्ग और कुंजम दर्रे को बहाल करने का काम प्रभावित हो रहा है। कुल्लू जिले सहित मनाली में रातभर बारिश जारी रही।सिस्सू के पास राजमार्ग 3 पर भूस्खलन (landslide) के कारण मनाली-लेह मार्ग बसों और अन्य वाहनों की आवाजाही के लिए पूरी तरह से बंद हो गया।

पर्यटक सिस्सू नहीं जा सके।चंबा जिले के जनजातीय क्षेत्र (tribal area) पांगी के किलाड़ मुख्यालय समेत ऊपरी इलाकों में शुक्रवार रात हुई ताजा बर्फबारी के बाद पूरा पांगी क्षेत्र शीतलहर की चपेट में है। शनिवार को जिले के 336 गांवों में अंधेरा छाया रहा। भरमौर-पठानकोट हाईवे पर चिम्मा और केरू पहाड़ के पास शनिवार सुबह (Saturday morning) 7:45 बजे भूस्खलन हुआ। विभागीय मशीनरी ने मलबा और पत्थर हटाकर एक घंटे बाद रात 8:45 बजे हाईवे को यातायात के लिए बहाल कर दिया।

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Web Title: Weather forecast wheat and apple get damaged due to storm
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