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Himachal Cabinet Meeting: सुक्खू सरकार ने बुलाई कैबिनेट की इमरजेंसी बैठक, 10 हजार करोड़ के झटके पर दिल्ली से आर-पार!

Himachal Cabinet Meeting:  ​शिमला:  हिमाचल प्रदेश की आर्थिक सेहत को लेकर दिल्ली से आई एक खबर ने शिमला के गलियारों में खलबली मचा दी है। मुख्यमंत्री (Chief Minister) सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आनन-फानन में 8 फरवरी को मंत्रिमंडल (Cabinet) की एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है। यह बैठक इसलिए खास है क्योंकि 16वें वित्तायोग ने […]
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HIGHLIGHTS
  • आरडीजी ग्रांट पर दिल्ली से सीधी टक्कर
  • 10 हजार करोड़ का झटका और कानूनी रास्ता
  • विधायकों और जनता से मांगा गया सुझाव

Himachal Cabinet Meeting:  ​शिमला:  हिमाचल प्रदेश की आर्थिक सेहत को लेकर दिल्ली से आई एक खबर ने शिमला के गलियारों में खलबली मचा दी है। मुख्यमंत्री (Chief Minister) सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आनन-फानन में 8 फरवरी को मंत्रिमंडल (Cabinet) की एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है। यह बैठक इसलिए खास है क्योंकि 16वें वित्तायोग ने राज्य को मिलने वाले राजस्व घाटा अनुदान (Revenue Deficit Grant – RDG) को बंद करने का प्रस्ताव दिया है। सरकार का मानना है कि अगर यह मदद रुक गई, तो प्रदेश के विकास कार्यों और कर्मचारियों की सैलरी-पेंशन पर बड़ा संकट खड़ा हो सकता है।

आरडीजी ग्रांट पर दिल्ली से सीधी टक्कर

हिमाचल सरकार इस बैठक में केंद्र के सामने अपनी बात रखने के लिए एक कड़ा प्रस्ताव पारित करेगी। असल में, भारतीय संविधान (Constitution) के अनुच्छेद 275-1 के तहत पहाड़ी और पिछड़े राज्यों को यह विशेष मदद मिलती रही है। साल 1952 से लेकर अब तक हिमाचल को यह पैसा नियमित तौर पर मिल रहा था। अब अचानक इसे बंद किए जाने से मुख्यमंत्री सुक्खू खासे नाराज हैं। सरकार का तर्क है कि इससे हिमाचल के आत्मनिर्भर बनने के सपनों को गहरा धक्का लगेगा, इसलिए इसे फिर से बहाल (Restoration) किया जाना जरूरी है।

10 हजार करोड़ का झटका और कानूनी रास्ता

अनुमान लगाया जा रहा है कि इस फैसले से हिमाचल को हर साल करीब 10 हजार करोड़ रुपये का भारी नुकसान होगा। वित्तायोग (Finance Commission) की नई सिफारिशें 1 अप्रैल 2026 से लागू होनी हैं, लेकिन सरकार अभी से इसके खिलाफ मोर्चा खोलने की तैयारी में है। मंत्रिमंडल की इस बैठक में सरकार कानूनी विकल्पों (Legal Options) पर भी विचार कर सकती है। इसके अलावा, राज्य की ऋण सीमा बढ़ाने और पीएम द्वारा घोषित 1500 करोड़ की राशि जारी करने जैसे मुद्दों पर भी चर्चा की जाएगी ताकि बजट (Budget) का संतुलन न बिगड़े।

विधायकों और जनता से मांगा गया सुझाव

कैबिनेट मीटिंग से पहले मुख्यमंत्री खुद मोर्चे पर डटे रहेंगे। 6 और 7 फरवरी को शिमला में विधायक (MLA) प्राथमिकता बैठकें होंगी। इन बैठकों में ऊना, हमीरपुर, चंबा और कांगड़ा समेत सभी जिलों के विधायकों से उनके क्षेत्र की योजनाओं पर राय ली जाएगी। सरकार का जोर इस बात पर है कि कम पैसे में कैसे बेहतर प्रशासन (Administration) दिया जाए। साथ ही, जनता की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने एक विशेष पोर्टल (Portal) भी शुरू किया है, जहाँ 10 फरवरी तक कोई भी नागरिक अपने सुझाव दे सकता है।

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Web Title: Sukhu government emergency cabinet meeting rdg grant discontinued hp budget