Shimla Journalist Assault: हिमाचल में पत्रकार से धक्का-मुक्की मामले में सख्त हुए CM सुक्खू, एसपी से मांगी रिपोर्ट
Shimla Journalist Assault: हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के छराबड़ा में हरियाणा कांग्रेस विधायकों की मूवमेंट को कवर कर रहे एक टीवी पत्रकार के साथ पुलिस की कथित धक्का-मुक्की का मामला अब बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन गया है। रविवार दोपहर करीब 2 बजे घटी इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद चहुंओर निंदा हो रही है। अब मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इस मामले में हस्तक्षेप करते हुए सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया है।
क्या है पूरा मामला?
रिपोर्ट के अनुसार, पत्रकार छराबड़ा में सड़क किनारे खड़े होकर अपना काम कर रहे थे, जबकि हरियाणा कांग्रेस विधायकों का काफिला वहां से करीब 30 फीट दूर से गुजर रहा था। इसी दौरान, वहां तैनात पुलिसकर्मियों ने पत्रकार के साथ धक्का-मुक्की की और उन्हें वहां से हटाने की कोशिश की। वायरल वीडियो में पुलिस का यह आक्रामक रवैया साफ देखा जा सकता है, जिसने लोकतंत्र के चौथे स्तंभ यानी मीडिया की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सीएम सुक्खू बोले- बख्शे नहीं जाएंगे दोषी
मामले की गंभीरता को भांपते हुए पत्रकारों के एक डेलिगेशन ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से मुलाकात की। सीएम ने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि वे स्वयं एसपी शिमला को तलब करेंगे और मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाएगी। वहीं, मुख्यमंत्री के प्रधान मीडिया सलाहकार नरेश चौहान ने जानकारी दी कि मुख्य सचिव ने एसपी शिमला से इस पूरे घटनाक्रम की रिपोर्ट तलब कर ली है। रिपोर्ट मिलते ही दोषियों के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
विपक्ष का हमला: जयराम बोले- सीएम क्यों हैं इतने तनाव में?
इस मुद्दे को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने सुक्खू सरकार को घेरा है। उन्होंने तीखे लहजे में पूछा कि आखिर सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू इतने विचलित और तनाव में क्यों हैं? जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि हरियाणा कांग्रेस की राजनीति को बचाने के लिए वर्तमान सरकार संविधान और नैतिकता को ताक पर रख रही है। उन्होंने कहा, “क्या अब पत्रकारों को अपना काम करने के लिए पुलिस बल का सामना करना पड़ेगा? यह प्रेस की स्वतंत्रता पर सीधा हमला है।”
लोकतंत्र के चौथे स्तंभ का सम्मान जरूरी: भाजपा
भाजपा के मुख्य प्रवक्ता राकेश जमवाल ने भी इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा की है। उन्होंने कहा कि मीडिया को अपना काम करने से रोकना और उनके साथ अभद्र व्यवहार करना पूरी तरह से अनुचित है। जमवाल ने कहा, “पत्रकार सच्चाई को जनता तक पहुंचाते हैं, उन्हें सुरक्षा दी जानी चाहिए, न कि उनके साथ इस तरह का बर्ताव किया जाना चाहिए। भाजपा ने मांग की है कि सरकार इस मामले का संज्ञान ले और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए।
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