पांगी : जिला चंबा के जनजातीय क्षेत्र पांगी में आबकारी विभाग के ढुलमुल रवैये के कारण शराब ठेकेदारों के हौसले बुलंद हैं। पांगी के किलाड़ और फिंडरू में स्थित शराब की दुकानों पर शराब खरीदने पर ग्राहकों को बिल नहीं दिया जा रहा है। ऐसे में ठेकेदार मनमाने दामों पर शराब बेच रहे हैं। यदि किसी ग्राहक को शराब खरीदने के बाद कोई नुकसान होता है, तो वह कैसे शिकायत दर्ज कराएगा? शिकायतें दर्ज होने के बावजूद भी आबकारी विभाग शराब दुकानदारों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है।
हिमाचल प्रदेश सरकार ने मार्च 2025 के बाद एमएसपी (अधिकतम खुदरा मूल्य शुल्क) को पूरी तरह से समाप्त कर दिया है, जिसके तहत पहले ठेकेदार शराब की बोतल पर 30 प्रतिशत अतिरिक्त राशि वसूलते थे। लेकिन अब सरकार के आदेश के बावजूद पांगी की इन दुकानों में ग्राहकों को गुमराह किया जा रहा है और प्रदेश सरकार के नियमों का उल्लंघन हो रहा है।
मिली जानकारी के अनुसार, पांगी के मुख्यालय किलाड़ और फिंडरू में स्थित शराब की दुकानों पर जब ग्राहकों ने बिल मांगा, तो सेल्समैन द्वारा फर्जी बिल थमा दिया गया। हैरानी की बात यह है कि पांगी प्रशासन के पास ग्रामीणों द्वारा कई बार शिकायतें दर्ज करवाई गई हैं, लेकिन इसके बावजूद भी कोई सख्त कार्रवाई नहीं की गई।
मिली जानकारी के अनुसार, पांगी के मुख्यालय किलाड़ और फिंडरू में स्थित शराब की दुकानों पर जब ग्राहकों ने बिल मांगा, तो सेल्समैन द्वारा फर्जी बिल थमा दिया गया। हैरानी की बात यह है कि पांगी प्रशासन के पास ग्रामीणों द्वारा कई बार शिकायतें दर्ज करवाई गई हैं, लेकिन इसके बावजूद भी कोई सख्त कार्रवाई नहीं की गई।
बीते माह ग्राम पंचायत फिंडरू की महिला मंडल द्वारा सेरी फिंडरू में स्थित शराब की दुकान को बंद करने की मांग उठाई गई थी, लेकिन प्रशासन की ओर से अब तक ठेकेदार के खिलाफ कोई कड़ी कार्रवाई नहीं की गई है।
इस संबंध में जानकारी देते हुए तहसीलदार पांगी शांता कुमार ने बताया कि ग्राहकों को बिल न देना शराब ठेकेदार की लापरवाही है। मामला उनके संज्ञान में है। जैसे ही आवासीय आयुक्त पांगी किलाड़ पहुंचेंगे, ठेकेदार को बुलाया जाएगा और उसके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।