Himachal News: शिमला: प्रदेश सरकार अब आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए नीति बनाने जा रही है। उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने विधानसभा में बताया कि इस दिशा में कैबिनेट की सब कमेटी कार्य कर रही है और जल्द ही कोई निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान में आउटसोर्स कर्मचारियों की भर्ती की कोई निर्धारित प्रक्रिया नहीं है।
उन्होंने यह भी कहा कि हिमाचल प्रदेश में आउटसोर्स भर्ती भाजपा सरकार ने वर्ष 2009 में शुरू की थी। विधानसभा में संयुक्त सवाल के संदर्भ में अग्निहोत्री ने कहा कि सरकार इस विषय पर गंभीर है और सभी पक्षों को ध्यान में रखते हुए उचित नीति बनाई जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि आउटसोर्स कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए सरकार प्रयासरत है और सर्वोत्तम समाधान तलाशा जाएगा।
अधिकतर विभागों में आउटसोर्स कर्मचारी कार्यरत
विधानसभा में कहा कि प्रदेश सरकार के विभिन्न विभागों में करीब 12,000 से 12,800 आउटसोर्स कर्मचारी कार्यरत हैं। हालांकि, इस संबंध में कोई निश्चित आंकड़ा उपलब्ध नहीं है। उन्होंने कहा कि कई विभागों में आउटसोर्स भर्ती आवश्यक हो चुकी है और सरकार उनकी स्थिरता के लिए नीति बनाने पर विचार कर रही है। सरकार जल्द ही इस पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेगी और सभी हितधारकों के साथ विचार-विमर्श कर उचित कदम उठाएगी।