Chamba Pangi News: पांगी (चंबा): हिमाचल प्रदेश के जिला चंबा के जनजातीय उपमंडल पांगी में 26 अगस्त के बाद हुई मूसलाधार बारिश ने ऐसी तबाही मचाई है कि पूरी घाटी बाकी दुनिया से कटकर रह गई है। यहां बाढ़ और भूस्खलन का मंजर इतना भयानक है कि सड़कों का नामोनिशान तक मिट गया है और घाटी को जोड़ने वाले सीमा सड़क संगठन (BRO) के दो महत्वपूर्ण पुल भी ध्वस्त हो गए हैं। पांगी मुख्यालय किलाड़ से कुछ ही दूरी पर स्थित धरवास पुल का एक बड़ा हिस्सा नाले में आई भीषण बाढ़ में बह गया है। वहीं, महालू नाले पर BRO पुल भी बीती रात पानी के तेज बहाव की भेंट चढ़ गया। पुल का एक हिस्सा ढह जाने के कारण प्रशासन ने इस पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह से रोक दी है, खासकर बड़े वाहनों के लिए इसे पूरी तरह बंद कर दिया गया है। इन पुलों के टूटने से पांगी का संपर्क चंबा जिला मुख्यालय के साथ-साथ कुल्लू-मनाली से भी पूरी तरह कट गया है, जिससे हजारों लोग घाटी में ही फंसकर रह गए हैं।
सड़क का नामोनिशान मिटा, बहाल होने में लगेगा महीना
आपदा की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सिद्ध मंदिर के पास नाले में आई बाढ़ से सड़क का एक बड़ा हिस्सा बह गया है और वहां सड़क का नामोनिशान तक नहीं बचा है।
- कुल्लू-मनाली BRO मार्ग: यह मार्ग पूरी तरह से बंद है।
- साच-जोत मार्ग: पांगी को चंबा से जोड़ने वाले इस महत्वपूर्ण मार्ग पर करीब 35 जगहों पर भारी भूस्खलन हुआ है और सड़क पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई है। लोक निर्माण विभाग (PWD) का कहना है कि इस मार्ग को पूरी तरह से बहाल करने में कम से-कम एक महीने का समय लग सकता है।
सड़कों के साथ-साथ घाटी में संचार व्यवस्था भी पूरी तरह से चरमरा गई थी। 26 अगस्त के बाद से बंद पड़ा जियो का नेटवर्क आज बड़ी मुश्किल से बहाल हो पाया है। बताया जा रहा है कि जम्मू और साच-जोत की ओर से फाइबर केबल को जोड़कर नेटवर्क को फिर से चालू किया गया है। इस आपदा को लेकर पांगी के आवासीय आयुक्त (RC) रमन घरसंगी ने बताया कि उन्होंने आज BRO के उच्च अधिकारियों के साथ एक आपात बैठक की है। उन्होंने कहा, “हमने BRO को घाटी के मुख्य मार्गों को युद्धस्तर पर बहाल करने के सख्त आदेश दिए हैं। उम्मीद है कि अगले तीन से चार दिनों के भीतर कुल्लू-मनाली सड़क को कम से कम छोटे वाहनों के लिए खोल दिया जाएगा।