Mindhal Mata Dham news: पांगी: जिला चंबा के उपमंडल पांगी के ऐतिहासिक मिंधल यात्रा का सफल समापन हो गया है। इस वर्ष मिंधल यात्रा में रिकार्ड तोड श्रद्धालु पहुंचे हुए है। 1982 से शुरू हुई इस छड़ी यात्रा में उस समय केवल 12 लोगों द्वारा इस यात्रा को शुरू किया हुआ था। लेकिन लगातार श्रद्धालुओं के बीच मां की यह अस्था अब हर साला एक जनआस्ता का सैलाब बन गया है। पुलिस रिकार्ड के मुताबिक इस वर्ष जून माह में संसारी नाला चेक पोस्ट 4729 वाहनों के माध्यम से 40457 श्रद्धालु मिन्धल माता के दरबार में माथा टेक चुके हैं।
मिंधल माता धाम (Mindhal Mata Dham) में इस बार की छड़ी यात्रा (Chhadi Yatra) के बाद एक बार फिर पांच प्रज्जा कमेटी (Panch Praja Committee) सवालों के घेरे में आ गई है। यात्रा 28 मई से शुरू हुई थी और अब समाप्त हो चुकी है, लेकिन हैरानी की बात यह है कि मंदिर में चढ़े चढ़ावे (Offerings) का कोई स्पष्ट रिकॉर्ड अभी तक सामने नहीं आया है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक इस बार मंदिर में हजारों श्रद्धालुओं ने माथा टेका हुआ है। श्रद्धालुओं ने दान पात्र, UPI और पर्ची के माध्यम से लाखों का दान-दक्षिणा दिया हुआ है। लेकिन कमेटी के पास न तो कोई पक्का आंकड़ा है और न ही कोई हिसाब-किताब है। कमेटी के पदाधिकारी इस विषय में बात की गई तो इसे बार-बार बात टाल रहे हैं और कह रहे हैं कि अभी तक रिकॉर्ड इकट्ठा नहीं किया गया है। इससे लोगों में यह संदेह और गहरा हो गया है कि कहीं न कहीं धांधली (Mismanagement) जरूर हुई है।
श्रद्धालुओं और स्थानीय निवासियों (Local Residents) का कहना है कि जब मंदिर में हजारों की संख्या में लोग आए, तो चढ़ावे का कोई न कोई लेखा-जोखा तो जरूर होना चाहिए था। लोगों का यह भी कहना है कि अगर समय रहते आर्थिक पारदर्शिता (Financial Transparency) नहीं दिखाई गई, तो भविष्य में श्रद्धालुओं का भरोसा कम हो सकता है। प्रशासन से मांग की गई है कि मंदिर चढ़ावे की सार्वजनिक ऑडिट (Public Audit) कराई जाए।
इस संबंध में जानकारी देते हुए पांच प्रजा कमेटी के सचिव ठाकुर लाल ने बताया कि कमेटी के पास अभी इसका कोई स्पष्ट रिकॉर्ड नहीं है। उन्होंने बताया कि कुछ दिनों के बाद कमेटी के अन्य पदाधिकारियों के साथ इस संबंध में बैठक रखी गई है। उसी समय चढ़ावे को यह रिकॉर्ड स्पष्ट किया जाएगा। हालांकि बैठक को लेकर अभी कोई तारीख तय नहीं की गई है।