Manimahesh Yatra Rescue Operation: चंबा/भरमौर: हिमाचल प्रदेश में जारी मूसलाधार बारिश और भूस्खलन ने पवित्र Manimahesh yatra पर निकले हजारों श्रद्धालुओं की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। यात्रा के मुख्य पड़ाव भरमौर में मार्ग अवरुद्ध होने के कारण फंसे करीब पांच हजार श्रद्धालुओं को निकालने के लिए चंबा जिला प्रशासन ने एक बड़ा और सफल रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया है। अतिरिक्त उपायुक्त (ADC) चंबा अमित मेहरा ने बताया कि शुक्रवार को भरमौर से सेक्टर अधिकारियों की देखरेख में करीब 5000 श्रद्धालुओं ने पैदल यात्रा शुरू की और देर रात चंबा से 15 किलोमीटर दूर कलसुईं तक सुरक्षित पहुंच गए। इन श्रद्धालुओं के पहुंचते ही प्रशासन ने उनकी सुरक्षित घर वापसी और खाने-पीने की व्यवस्था के लिए युद्धस्तर पर काम शुरू कर दिया।
100 से ज्यादा बसें और टैक्सियां लगाई गईं
प्रशासन ने फंसे हुए श्रद्धालुओं को उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए कलसुईं में 39 बसें और 25 टैक्सियां मौके पर ही तैनात कर दी हैं। श्रद्धालुओं की भारी संख्या को देखते हुए डीसी कांगड़ा से 40 और बसों की मांग की गई है, ताकि किसी को भी परेशानी का सामना न करना पड़े। इसके अलावा, चंबा मुख्यालय में लगभग एक हजार श्रद्धालुओं के ठहरने और उनके भोजन की विशेष व्यवस्था की गई है। कलसुईं, धरवाला और ढकोग में तीन जगहों पर स्थानीय लोगों और प्रशासन के सहयोग से निःशुल्क लंगर चलाए जा रहे हैं, जहां फंसे हुए लोगों को गर्म भोजन, चाय और अन्य जरूरी चीजें उपलब्ध कराई जा रही हैं।
1995 की प्रलयकारी बाढ़ की यादें हुईं ताजा
बारिश और भूस्खलन के कारण मची इस तबाही ने स्थानीय लोगों और पुराने श्रद्धालुओं के जहन में 1995 की उस भयावह आपदा की खौफनाक यादों को फिर से ताजा कर दिया है, जब रावी नदी में आई प्रलयकारी बाढ़ ने हजारों जिंदगियों को हिलाकर रख दिया था। हालांकि, प्रशासन इस बार पूरी तरह से मुस्तैद है और हर स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए है।