Chamba Pangi News || पांगी के 16 हजार फीट की उचांई पर स्थित शिव शंक पिक पर पहुंचे भारतीय ट्रैकर
Chamba Pangi News || पांगी: हिमाचल प्रदेश के जिला चंबा के जनजातीय क्षेत्र पांगी घाटी लगातार पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित कर रही है। घाटी की खूबसूरत वादियां व बर्फ से ढके पहाड़ों में लुफ्त उठाने के लिए भारत ही नहीं बल्कि विदेशों से भी पर्यटक लगातार पांगी पहुंच रहे हैं । पर्यटकों को घाटी की ओर आकर्षित करने के…
Chamba Pangi News || पांगी: हिमाचल प्रदेश के जिला चंबा के जनजातीय क्षेत्र पांगी घाटी लगातार पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित कर रही है। घाटी की खूबसूरत वादियां व बर्फ से ढके पहाड़ों में लुफ्त उठाने के लिए भारत ही नहीं बल्कि विदेशों से भी पर्यटक लगातार पांगी पहुंच रहे हैं । पर्यटकों को घाटी की ओर आकर्षित करने के लिए स्थानीय लोगों का संस्था समेत प्रशासन की टीम लगातार प्रयास कर रहे है। वहीं पहली बार भारतीय 12 ट्रैकरों की टीम शिव शंकर पिक पर पहुंचे हुए है। जो की समुद्र तल से तकरीबन 16 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित है। यहां पर टेंप्रेचर हमेशा माइंस में रहता है।
बेस्ट बंगाल का यह ट्रैकरों टीम परमार गांव से होते हुए शिव शंक पिक तक पहुंचा हुआ है। इनके साथ परमार गांव का स्थानीय ट्रैकर चैन सिंह भी मौजूद थे।हालांकि पांगी घाटी के सबसे ऊंचाई वाले ट्रैकिंग स्थान तक पहुंचाने के लिए परमार भटौरी और चसग भटौरी में स्थानीय ट्रैकर मौजूद है । जिनकी मदद से भारी राज्यों व विदेशों से आने वाले ट्रैकर बर्फ से लदे पहाड़ो तक पहुंच पाते हैं।
12 लोगों का यह ग्रुप पिछले सप्ताह परमार गांव से निकला हुआ था । पहले दिन यह ट्रैकर परमार गांव से 10 किलोमीटर की दूरी तक पहुंचे जहां पर उन्होंने अपना बेस कैंप लगाया हुआ था। जिसके बाद अगले दिन कुणियाें धार होते हुए शिव शंक पिक के लिए रवाना हुए। करीब एक सप्ताह के बाद वापिस परमार गांव पहुंचे । शिव शंकर पिक पर फतह हासिल करने वाले यह भारतीये पहले ट्रैकर है।
इससे पहले विदेशी ट्रैकर कई बार शिव शंक पिक तक पहुंचे हुए है। घाटी सेवा संस्था के अध्यक्ष डॉक्टर हरीश शर्मा ने बताया कि पहली बार भारतीय ट्रैकर घाटी की शिव शंख पिक तक पहुंचे हुए हैं । उन्होंने बताया कि ट्रैकों को गाइड करने के लिए स्थानीय ट्रैकरों को भी साथ में भेजा गया था। डॉक्टर हरीश ने बताया कि जुलाई में पांगी घाटी में पैराग्लाइडिंग का ट्रायल किया जा रहा है जिसमें ससुराल बटोरी और शासन बटोरी में यह ट्रायल किया जाएगा। उन्होंने बताया कि यदि पैराग्लाइडिंग का यह ट्रायल सफल होता है तो भंगी घाटी के युवाओं को पैराग्लाइडिंग पायलट का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
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