Himachal Weather Update || शिमला : हिमाचल प्रदेश में लगभग दो महीने से शुष्क मौसम के कारण प्रदेश के किसान व बागवान परेशान हो गए है। वहीं अब प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से मौसम में बदलाव हुआ है। शिमला मौसम विज्ञान केंद्र ने बताया कि 31 जनवरी से दो फरवरी तक पूरे राज्य पर विक्षोभ का असर पड़ेगा। इस दौरान मैदानी क्षेत्रों में बारिश व उपरी क्षेत्रों में बर्फबारी होने की भरपूर संभावना है। 28 से 30 जनवरी तक भी पहाड़ी इलाकों में मौसम खराब रहने की संभावना जताई हुई है। मौसम विभाग के इस पूर्वानुमान से राज्य में अच्छी बारिश होने की संभावना बढ़ी है। शिमला और मनाली जैसे पर्यटन स्थलों में सर्दियों में पहली बार बर्फ का नजारा मिलेगा। पिछले दो वर्षों से शिमला शहर में बर्फ़बारी नहीं हुई है। अन्य प्रसिद्ध पर्यटक स्थलों का भी यही हाल है। राज्य के पर्यटन स्थलों में पर्यटकों की कमी से पर्यटन कारोबार प्रभावित हुआ है।
इस विंटर सीजन में बादलों के न बरसने से क्षेत्र सूख गया है। जनवरी महीने में सामान्य से 99% कम बारिश हुई है। इस तरह की परिस्थिति 58 वर्ष बाद जनवरी महीने में हुई है। इससे पहले जनवरी 1966 में प्रदेश में सामान्य से 99.5% कम बारिश हुई थी। दक्षिणी हिमाचल में गेहूं और अन्य फसलें बर्बाद होने के कगार पर हैं, जबकि अप्पर हिमाचल में सेब की पैदावार प्रभावित होने की आशंका है।
मौसम विभाग के निदेशक सुरेंद्र पाल ने कहा कि प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है, लेकिन यह पश्चिमी विक्षोभ ज्यादा प्रभावशाली नहीं है और आगामी चार दिनों तक प्रदेश के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना है. इस दौरान निचले क्षेत्रों में मौसम साफ बना रहेगा. हालांकि मैदानी इलाकों में धुंध छाई रहेगी. ऐसे में लोगों को वाहन चलाते समय सावधनी बरतने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि प्रदेश में इस साल काफी कम बारिश बर्फबारी दर्ज की गई है. इसकी वजह जल वायु परिवर्तन है. प्रदेश में फरवरी में भी बर्फबारी की उम्मीद है.