हिमाचल प्रदेश टॉप न्यूज | 12 सितंबर की 10 बड़ी खबरें और आज का रात्री बुलेटिन अपडेट

12 सितंबर हिमाचल प्रदेश न्यूज बुलेटिन: आज की 10 बड़ी खबरें और रात्री की मुख्य सुर्खियाँ एक ही जगह पर पढ़ें।
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Regional News Bulletin

हमीरपुर में लुटेरी दुल्हनों का आतंक, दो शादियों के नाम पर युवक से ठगे 8 लाख, दोनों फरार

himachal pradesh top news: हमीरपुर जिले से शादी के नाम पर धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। सनाही पंचायत निवासी राकेश कुमार ने आरोप लगाया है कि बिचौलिया अरविंद कुमार ने दो बार उसकी शादी करवाई और इसके बदले में करीब 8 लाख रुपये ऐंठ लिए। पहली शादी पंजाब की एक लड़की से हुई जो नशे की आदी निकली और घर छोड़कर चली गई। इसके बाद दूसरी शादी होशियारपुर की एक लड़की से करवाई गई लेकिन वह भी अगले दिन फरार हो गई। इस ठगी की शिकायत मानवाधिकार आयोग और पंचायत प्रधान ने हमीरपुर एसपी से की है। अब पुलिस से निष्पक्ष जांच और पीड़ित को न्याय की मांग उठाई है।

शिमला: बैंक ऑफ बड़ौदा का सीनियर मैनेजर निकला घोटालेबाज, ग्राहक के खाते से उड़ाए 3.70 करोड़

शिमला में बैंक ऑफ बड़ौदा की शाखा में बड़ा घोटाला सामने आया है। सीनियर मैनेजर ने ग्राहक के खाते में 3 करोड़ 70 लाख रुपये महिला के खाते में ट्रांसफर कर गबन कर लिया। रकम को अलग-अलग खातों में बांटकर कैश निकासी की गई। बैंक जांच में मामला पकड़ में आने पर आरोपी ने पुलिस के सामने अपना जुर्म कबूल किया है। पुलिस ने 90,95,000 रुपये फ्रीज कर लिए हैं और मामले में शामिल अन्य लोगों की तलाश अब जारी है।

रामपुर वासियों को ट्रैफिक जाम से मिलेगी मुक्ति, NHAI बनाएगा 2.50 करोड़ का ओवरहेड ब्रिज, डिजाइन तैयार

रामपुर में लंबे समय से चली आ रही ट्रैफिक समस्या का स्थाई हल निकालने के लिए शिमला की तर्ज पर ओवरहेड ब्रिज बनने जा रहा है। एनएचएआई ने इसका डिजाइन और करीब 2 करोड़ 50 लाख रुपये का बजट तैयार किया है। यह ब्रिज मिनी सचिवालय से पुराने बस अड्डे तक बनाया जाएगा ताकि पैदल चलने वालों को सुविधा और सुरक्षा मिल सके। एसडीएम रामपुर ने जल्द कार्य शुरू करने के निर्देश दिए हैं जबकि डीपीआर और डिजाइन तैयार हो चुका है, सिर्फ एनओसी की औपचारिकता बाकी है।

हिमालय पर मंडरा रहा बड़ा खतरा, विकास मॉडल नहीं बदला तो सब ढह जाएगा, विशेषज्ञों ने दी चेतावनी

हिमालयी राज्यों में बार-बार आने वाली आपदाओं का असली कारण जलवायु परिवर्तन से अधिक, अनियोजित निर्माण और विकास कार्य है। विशेषज्ञों का कहना है कि चेतावनी व्यवस्था तो बेहतर हुई है लेकिन स्थानीय प्रशासन और समाज अगर समय रहते प्रतिक्रिया नहीं देंगे तो नुकसान रोकना मुश्किल है। नदी-नालों के किनारे अतिक्रमण, बिना जांच के सड़क और इमारतें, पहाड़ की स्थिरता अनदेखा करना आपदाओं को न्योता दे रहा है। यदि विकास का मॉडल नहीं बदला गया तो भविष्य में हिमालय में आपदाएं और भी डरावनी होंगी।

सस्ते राशन पर सरकार का बड़ा एक्शन, गाड़ी-पक्के मकान वालों की होगी छुट्टी, 5 लाख अपात्रों की लिस्ट तैयार

प्रदेश में अब सस्ते राशन का लाभ केवल असली जरूरतमंदों को ही मिलेगा। केंद्र सरकार ने प्रदेश को 5 लाख से अधिक संदिग्ध उपभोक्ताओं की सूची भेजी है और जांच का जिम्मा खाद्य आपूर्ति व ग्रामीण विकास विभाग को सौंपा गया है। इसमें छह माह से राशन न लेने वाले, दो जगहों से राशन लेने वाले, चार पहिया वाहन मालिक, टैक्स देने वाले, ज्यादा जमीन और पक्का मकान रखने वाले लोग शामिल हैं। जांच पूरी होने के बाद अपात्र परिवारों को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम से बाहर कर दिया जाएगा।

रावी में बही 177 टन लकड़ी अवैध कटान नहीं, प्राकृतिक आपदा का नतीजा, जांच रिपोर्ट में हुआ खुलासा

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के आदेश पर गठित समिति ने रावी नदी में बाढ़ के दौरान बहकर आई लकड़ी की जांच रिपोर्ट पेश की है। समिति ने पाया कि अगस्त-सितंबर 2025 में असामान्य वर्षा और भूस्खलन के कारण 177 टन लकड़ी नदी में बह गई। इसमें देवदार, कैल, चीड़ समेत कई प्रजातियां शामिल थीं। रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि यह प्राकृतिक आपदा का परिणाम है, बल्कि अवैध कटान नहीं। वन विभाग ने बताया कि लकड़ी के निस्तारण की जिम्मेदारी हिमाचल प्रदेश राज्य वन विकास निगम को सौंपी जाएगी।

KCC बैंक पर सरकार का बड़ा एक्शन, NPA और अनियमितताओं के चलते बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स निलंबित, चुनाव भी रद्द

हिमाचल प्रदेश सरकार ने कांगड़ा केंद्रीय सहकारी बैंक के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स को निलंबित कर दिया है और आगामी निदेशक चुनाव की प्रक्रिया भी रद्द कर दी है। सरकार ने यह कदम बैंक के बढ़े हुए एनपीए और नाबार्ड की निरीक्षण रिपोर्टों में सामने आई गंभीर अनियमितताओं के आधार पर उठाया है। हालांकि बैंक ने पिछले 5 वर्षों में एनपीए को 30% से घटाकर 19.50% तक लाने में सफलता हासिल की है और इस वर्ष 115 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ भी दर्ज किया है, लेकिन प्रबंधन पर पारदर्शिता और जिम्मेदारी को लेकर सवाल खड़े हुए हैं।

स्कूल लेक्चररों पर शिक्षा विभाग का शिकंजा, अब 6ठीं से 12वीं तक पढ़ाना होगा अनिवार्य, मांगी रिपोर्ट

हिमाचल शिक्षा विभाग ने स्कूल लेक्चररों पर सख्ती दिखाते हुए सभी जिलों से रिपोर्ट मांगी है कि प्रवक्ता छठवीं से बारहवीं तक पढ़ा रहे हैं या नहीं। दो दिन के भीतर रिपोर्ट देनी होगी और जो प्रवक्ता आदेश नहीं मान रहे उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जाएगी। पहले लेक्चरर केवल ग्यारहवीं और बारहवीं कक्षा को पढ़ाते थे लेकिन अब नियम के तहत उन्हें छठवीं से बारहवीं तक कक्षाएं लेनी होंगी।

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