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हिमाचल के नए राज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने ली शपथ, प्रदेश में अब वंदे मातरम अनिवार्य, RDG मामले पर केंद्र से करेंगे बात

​शिमला: देवभूमि हिमाचल प्रदेश के राजभवन में मंगलवार को एक नए युग की शुरुआत हुई, जब हिमाचल के नए राज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने गरिमामयी समारोह में अपने पद की शपथ ली। शिमला स्थित लोकभवन में आयोजित इस कार्यक्रम में हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधवालिया ने उन्हें गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस दौरान मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह…
Kavinder Gupta oath ceremony Shimla 2026
Kavinder Gupta oath ceremony Shimla 2026
HIGHLIGHTS
  • वंदे मातरम के सभी 6 छंदों की गूंज
  • शिक्षा पद्धति में बदलाव और केंद्र से पैरवी
  • विकास के लिए राजनीति से ऊपर उठने का आह्वान

​शिमला: देवभूमि हिमाचल प्रदेश के राजभवन में मंगलवार को एक नए युग की शुरुआत हुई, जब हिमाचल के नए राज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने गरिमामयी समारोह में अपने पद की शपथ ली। शिमला स्थित लोकभवन में आयोजित इस कार्यक्रम में हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधवालिया ने उन्हें गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस दौरान मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू सहित मंत्रिमंडल के सदस्य और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। मुख्य सचिव संजय गुप्ता ने राष्ट्रपति द्वारा जारी नियुक्ति वारंट को पढ़कर सुनाया। राज्यपाल ने अपनी आधिकारिक पारी की शुरुआत हिंदी में शपथ लेकर की, जो उनकी भारतीय संस्कृति और भाषा के प्रति अटूट निष्ठा को दर्शाता है।

वंदे मातरम के सभी 6 छंदों की गूंज

राजभवन के इतिहास में यह पहला अवसर था जब शपथ ग्रहण समारोह में वंदे मातरम के सभी छह छंदों का गायन किया गया। हिमाचल के नए राज्यपाल कविंद्र गुप्ता के कार्यकाल की यह पहली बड़ी लकीर मानी जा रही है। नए निर्देशों के तहत अब प्रदेश के सभी सरकारी कार्यक्रमों, स्कूलों और महत्वपूर्ण आयोजनों में राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ की तर्ज पर खड़े होकर वंदे मातरम गाना अनिवार्य होगा। राज्यपाल ने मीडिया से मुखातिब होते हुए स्पष्ट किया कि शिक्षण संस्थानों में इसके सभी छह छंद पढ़ाए जाने के निर्देश जारी किए जाएंगे। उन्होंने स्वीकारा कि उन्हें भी पहले एक ही छंद आता था, लेकिन अब इस गौरवशाली गान को जन-जन तक पहुंचाना प्राथमिकता होगी।

शिक्षा पद्धति में बदलाव और केंद्र से पैरवी

शपथ ग्रहण के बाद अपने पहले संबोधन में राज्यपाल ने वर्तमान शिक्षा प्रणाली पर कड़े प्रहार किए। उन्होंने कहा कि हमें लंबे समय तक मुगलों और अंग्रेजों की गुलामी वाली शिक्षा दी गई है, जिसे अब बदलना अनिवार्य है। हिमाचल के नए राज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने भरोसा दिलाया कि वह प्रदेश के हितों के लिए केंद्र सरकार के समक्ष मजबूती से पैरवी करेंगे। उन्होंने विशेष रूप से आरडीजी (Revenue Deficit Grant) बंद होने के मामले पर केंद्र से वार्ता करने की बात कही। केंद्र सरकार के मंत्रियों के साथ अपने मधुर संबंधों का हवाला देते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि वे प्रदेश के विकास के लिए सेतु का कार्य करेंगे।

विकास के लिए राजनीति से ऊपर उठने का आह्वान

हिमाचल के सर्वांगीण विकास के लिए राज्यपाल ने सत्ता पक्ष और विपक्ष, दोनों से सहयोग की अपील की है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के कल्याण के लिए दलगत राजनीति से ऊपर उठना होगा। हिमाचल के नए राज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने युवाओं के लिए कौशल विकास आधारित शिक्षा, जनजातीय क्षेत्रों का उत्थान और नशा मुक्ति को अपना मुख्य एजेंडा बताया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि नशा मुक्त हिमाचल ही आने वाली पीढ़ी को सुरक्षित भविष्य दे सकता है। समारोह के समापन पर उन्होंने यह स्पष्ट संकेत दे दिया कि उनका कार्यकाल केवल संवैधानिक औपचारिकताओं तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वे प्रदेश की प्रगति में सक्रिय भूमिका निभाएंगे।

लद्दाख के उप-राज्यपाल के रूप में अपने अनुभव साझा करते हुए उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश की भौगोलिक परिस्थितियां जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के समान हैं। उन्होंने कहा कि ‘लद्दाख में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने सात महीनों में 10,000 किलोमीटर से अधिक यात्राएं की और वह पहाड़ी क्षेत्रों की चुनौतियों से भली-भांति परिचित हैं।’ वह हिमाचल प्रदेश के लोगों के आतिथ्य भाव से अत्यंत प्रभावित हुए हैं। उन्होंने अपनी प्राथमिकताओं का उल्लेख करते हुए कहा कि वे पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने, विशेष रूप से राज्य में हरित क्षेत्र में विस्तार, सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण तथा पर्यटन विशेषकर धार्मिक पर्यटन को मजबूत करने की दिशा में कार्य करेंगे। उन्होंने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल विकास और भारतीय मूल्यों को आधुनिक शिक्षा के साथ जोड़ते हुए राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी बल दिया।

उन्होंने कहा कि जनजातीय विकास, प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने, युवा कल्याण तथा नशा मुक्ति अभियान को मजबूत करने पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के माध्यम से राज्य के दूरदराज क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे और संपर्क व्यवस्था को बेहतर बनाने के प्रयास किए जाएंगे। राज्यपाल ने कहा कि नशामुक्त हिमाचल अभियान को और प्रभावी बनाने के लिए शिक्षा, मूल्य आधारित सीख और काउंसलिंग जैसी पहलों को भी सशक्त बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि युवाओं की ऊर्जा को सकारात्मक दिशा देने के लिए खेल गतिविधियों जैसे ‘खेलो इंडिया’ को भी इन प्रयासों से जोड़ा जा सकता है। गुप्ता ने चीन से लगते सीमा क्षेत्रों के विकास के महत्व पर भी बल देते हुए कहा कि राज्य में ‘वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम’ जैसी योजनाओं को बढ़ावा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य में क्षय रोग (टीबी) उन्मूलन के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि राज्य सरकार, सत्तापक्ष और विपक्ष के साथ-साथ सामाजिक और स्वंयसेवी संगठनों के सहयोग से सामूहिक प्रयासों द्वारा हिमाचल प्रदेश जैसे छोटे पहाड़ी राज्य को समावेशी और सतत विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जाएगा।

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Web Title: Himachal pradesh new governor kavinder gupta oath ceremony shimla vande mataram
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