हिमाचल

Himachal News | लंबित परीक्षा के परिणाम घोषित करने पर सुक्खू सरकार ख़ामोश क्यों: जयराम ठाकुर

शिमला: नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने शिमला से जारी बयान में कहा कि सरकार हर दिन बड़ी-बड़ी बातें करती है। लेकिन जब युवाओं को नौकरी देने की बात आती है तो ख़ामोश हो जाती है। डेढ़ साल से ज़्यादा समय होने के बाद भी सरकार ने पहले से लंबित पड़े परीक्षा परिणाम अभी तक घोषित नहीं किए। युवाओं को नौकरी…
An image of featured content
This is the caption text
HIGHLIGHTS
  • वेटनरी फार्मासिस्ट्स की नियुक्ति की नॉटिफ़िकेशन सरकार ने क्यों की रद्द

शिमला: नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने शिमला से जारी बयान में कहा कि सरकार हर दिन बड़ी-बड़ी बातें करती है। लेकिन जब युवाओं को नौकरी देने की बात आती है तो ख़ामोश हो जाती है। डेढ़ साल से ज़्यादा समय होने के बाद भी सरकार ने पहले से लंबित पड़े परीक्षा परिणाम अभी तक घोषित नहीं किए। युवाओं को नौकरी देने के मामले में सरकार ख़ामोश हो जाती हैं। जबकि चहेतों को एडजस्ट करने में पूरी तत्परता से काम करती है। सरकार युवाओं को नौकरी देने में भी वही तत्परता दिखाए जो अपने चहेतों को एडजस्ट करने में दिखाती है। सरकार की इसी सुस्ती और नौकरी न देने की नीयत से त्रस्त युवा आज सड़कों पर हैं। सरकार डेढ़ साल एल्स एक हफ़्ते, दो हफ़्ते, चार हफ़्ते का समय मांग कर युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ कर रही है। अब सरकार के पास और समय मांगने और पूरे मामले को लटकाने का कोई कारण नहीं रह गया है। इसलिए सरकार बिना देरी किए लंबित प्रतियोगी परीक्षाओं के अंतिम रिजल्ट जारी करे। 

जयराम ठाकुर ने कहा कि जब चहेतों को एडजस्ट करना होता है तो एक दिन में दो-दो बार भी कैबिनेट की बैठक हो जाती है। जबकि रिजल्ट घोषित करने की मांग को लेकर प्रदेश के युवा महीनों से सड़कों पर हैं।  सरकार को प्रदेश के युवाओं को स्पष्ट रूप से बताए कि नई भर्तियां कब निकलेगी और लंबित पड़ी भर्तियों के परिणाम कब तक जारी होंगे। हमेशा झूठी बयानबाजी से काम नहीं चलेगा। सरकार अपना एक तिहाई कार्यकाल झूठ बोलकर निकाल चुकी है। युवाओं का सब्र सब्र टूट रहा है। इसलिए अब बहानेबाजी के बजाय सरकार ठोस रास्ता निकाले और नियुक्तियां करे। 

वेटनरी फार्मासिस्ट्स की नियुक्ति की नॉटिफ़िकेशन सरकार ने क्यों की रद्द

नेता प्रतिपक्ष ने वेटनरी फार्मासिस्ट्स के नियुक्ति रद्द करने के लिए जारी अधिसूचना पर सवाल उठाते हुए कहा कि साल भर के इंतज़ार के बाद जारी नियुक्ति पत्र क्यों वापस लिया गया। इतना समय लेने के बाद भी क्या त्रुटि रह गई थी कि 24 घंटे के भीतर नियुक्ति का आदेश रद्द करने के लिए अधिसूचना जारी करनी पड़ी। सरकार को इसका कारण प्रदेश के लोगों को बताना चाहिए। 

विज्ञापन
Web Title: Himachal news why sukhu government is silent on declaring the
End of Article