Himachal Board Exam 2026 || अब नकल करने वालों की खैर नहीं! मुख्यालय से होगी LIVE निगरानी, शिक्षकों के लिए भी कड़े नियम
- Himachal Board Exam 2026 || शिक्षकों की मनमानी पर लगाम
धर्मशाला: Himachal Board Exam 2026 || हिमाचल प्रदेश में 10वीं और 12वीं के छात्रों के लिए बड़ी खबर है। मार्च में शुरू होने वाली बोर्ड परीक्षाओं (Board Exams) में इस बार नकल करना नामुमकिन होने वाला है। शिक्षा बोर्ड ने कमर कस ली है और पहली बार प्रदेश भर के 2,384 परीक्षा केंद्रों पर तीसरी आंख का पहरा होगा। यानी अब बोर्ड मुख्यालय में बैठकर अधिकारी बड़ी-बड़ी स्क्रीनों पर लाइव देख सकेंगे कि किस कमरे में क्या चल रहा है। अगर किसी ने भी नकल करने या अनुचित साधनों के इस्तेमाल की कोशिश की, तो उस पर जीरो टॉलरेंस नीति के तहत तुरंत एक्शन लिया जाएगा।
सिर्फ कैमरे ही नहीं बोर्ड ने जमीन पर भी सुरक्षा का पूरा जाल बिछाया है। इस बार नकल रोकने (Cheating Prevention) के लिए पांच अलग-अलग स्तरों पर निगरानी होगी। इसमें प्रशासनिक अधिकारियों से लेकर शिक्षा विभाग और बोर्ड के अपने उड़नदस्ते शामिल होंगे। मजेदार बात यह है कि ये उड़नदस्ते अपना काम ठीक से कर रहे हैं या नहीं, इसे चेक करने के लिए बोर्ड एक स्पेशल स्क्वॉड भी बनाएगा। मकसद साफ है- परीक्षा पूरी तरह से शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और पारदर्शी (Transparent) होनी चाहिए।
Himachal Board Exam 2026 || शिक्षकों की मनमानी पर लगाम
बोर्ड ने सिर्फ छात्रों पर ही सख्ती नहीं की है, बल्कि शिक्षकों (Teachers) के लिए भी नियम बदल दिए हैं। अक्सर देखा जाता था कि शिक्षक कॉपियां घर ले जाकर चेक करते थे, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। बोर्ड अध्यक्ष डॉ. राजेश शर्मा ने साफ कर दिया है कि अब शिक्षकों को मूल्यांकन केंद्रों (Evaluation Centers) पर आकर ही उत्तरपुस्तिकाएं चेक करनी होंगी। केंद्र में आते वक्त हाथ खाली होने चाहिए और जाते वक्त भी। वहां भी सीसीटीवी कैमरे हर हरकत पर नजर रखेंगे ताकि मार्किंग में कोई लापरवाही न हो, क्योंकि एक गलत नंबर बच्चे का भविष्य खराब कर सकता है।
इतनी सख्ती के बीच बोर्ड ने छात्रों को एक बड़ी राहत भी दी है। अगर मार्च की परीक्षा में किसी छात्र की परफॉर्मेंस (Performance) अच्छी नहीं रहती, तो उसे निराश होने की जरूरत नहीं है। बोर्ड उसे जून में दोबारा परीक्षा देने का अवसर देगा। अच्छी बात यह है कि जून में आए बेहतर अंकों को मार्च के नतीजों (Results) में जोड़ दिया जाएगा। इससे छात्रों का साल खराब नहीं होगा और वे अपने नंबर सुधार सकेंगे। नकल रोकने के लिए जल्द ही एक हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया जाएगा।
