हिमाचल में नाबालिग बच्चों की तस्करी का खुलासा:झारखंड से लाए 2 बच्चे रेस्क्यू, महिला समेत 2 गिरफ्तार
हमीरपुर: हिमाचल प्रदेश के शांत माने जाने वाले हमीरपुर जिला में नाबालिग बच्चों की तस्करी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहाँ झारखंड से बहला-फुसलाकर लाए गए 15 और 16 वर्ष के दो नाबालिग बच्चों को पुलिस और चाइल्ड हेल्पलाइन की संयुक्त कार्रवाई में रेस्क्यू किया गया है। इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या बाहरी राज्यों से आने वाले गिरोह अब पहाड़ी क्षेत्रों को निशाना बना रहे हैं? पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस मामले में एक महिला समेत दो लोगों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे पहुँचा दिया है।
चाइल्ड हेल्पलाइन की सतर्कता से खुला राज
इस पूरे नेटवर्क का भंडाफोड़ चाइल्ड हेल्पलाइन टीम की मुस्तैदी की वजह से हो पाया। टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि हमीरपुर के नजदीकी क्षेत्र में कुछ नाबालिग बच्चों को संदिग्ध परिस्थितियों में रखा गया है। सूचना मिलते ही केस वर्कर दिनेश कुमार और सिवाना खातून ने जाल बिछाया और दोनों नाबालिगों को अपने संरक्षण में ले लिया। इसके बाद मामले को जिला चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (CWC) के समक्ष रखा गया। चेयरमैन मनीष राणा और सदस्य अश्विनी व सिद्धार्थ कौशल के निर्देश पर पुलिस ने तुरंत मानव तस्करी की धाराओं में मामला दर्ज किया।
बिहार और दिल्ली के रास्ते जुड़ा नेटवर्क
पुलिस की प्राथमिक जांच में एक बड़ा रूट सामने आया है। गिरफ्तार आरोपी महिला दुलारी देवी, जो झारखंड की रहने वाली है, बच्चों को पहले झारखंड से बिहार ले गई। वहां से उन्हें दिल्ली लाया गया और अंत में हमीरपुर पहुँचाया गया। इस काम में हमीरपुर के ढलवाण क्षेत्र का रहने वाला सत्य प्रकाश उसका स्थानीय मददगार था, जिसे भी पुलिस ने धर दबोचा है। पुलिस अब इस पहलू की गहनता से जांच कर रही है कि आखिर इन बच्चों को इतनी दूर किस मकसद से लाया गया था—क्या यह बाल श्रम का मामला है या फिर इसके पीछे कोई और घिनौनी साजिश है?
एसपी बोले- नेटवर्क खंगाल रही पुलिस
हमीरपुर के पुलिस अधीक्षक (SP) बलवीर सिंह ठाकुर ने मामले की पुष्टि करते हुए कहा कि यह मामला बेहद गंभीर है और नाबालिग बच्चों की तस्करी अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इस गिरोह ने पहले भी किसी बच्चे को हिमाचल या अन्य राज्यों में सप्लाई किया है। सूत्रों की मानें तो आने वाले दिनों में पुलिस की टीमें बाहरी राज्यों में दबिश दे सकती हैं, जिससे और भी कई बड़े खुलासे होने की उम्मीद है। फिलहाल, दोनों बच्चों को सुरक्षित स्थान पर रखा गया है और उनकी काउंसलिंग की जा रही है।
