Himachal LPG Crisis: हिमाचल की रसोई पर मध्य-पूर्व तनाव की मार, कमर्शियल सिलेंडर की किल्लत; जानें क्या हैं नए गैस बुकिंग नियम
Himachal LPG Crisis: इसराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर अब केवल वैश्विक बाजारों तक सीमित नहीं है, बल्कि हिमाचल प्रदेश की रसोई तक महसूस किया जाने लगा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 120 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंचने से तेल कंपनियों ने व्यावसायिक (कमर्शियल) एलपीजी सिलेंडरों की रिफिलिंग पर रोक लगा दी है। प्रदेश की गैस एजेंसियों का कहना है कि पीछे से सप्लाई नहीं होने के कारण होटल, रेस्तरां और ढाबों के सामने गैस का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
घरेलू गैस उपभोक्ताओं के लिए नई गाइडलाइंस
आम उपभोक्ताओं के लिए फिलहाल राहत की खबर यह है कि घरेलू गैस की आपूर्ति सामान्य है, लेकिन सरकार ने भविष्य की अनिश्चितता को देखते हुए सख्त नियम लागू कर दिए हैं। अब Himachal LPG Crisis के बीच नई बुकिंग नीति के तहत, एक सिलेंडर लेने के बाद आपको अगले सिलेंडर के लिए कम से कम 25 दिनों तक इंतजार करना होगा। यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि बाजार में कृत्रिम कमी न पैदा हो और हर परिवार तक समय पर रसोई गैस पहुंच सके।
पर्यटन सीजन पर मंडराया संकट
हिमाचल एक पर्यटन राज्य है, जहाँ होटल और रेस्तरां उद्योग पूरी तरह गैस की उपलब्धता पर निर्भर है। यदि Himachal LPG Crisis का यह दौर लंबा खिंचा, तो अप्रैल से शुरू होने वाले पर्यटन सीजन के दौरान कारोबारियों को बड़ी मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। गैस एजेंसियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि घरेलू सिलेंडरों का व्यावसायिक उपयोग कतई न होने दें। यदि कोई एजेंसी नियमों का उल्लंघन करती पाई जाती है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अनिश्चितता और सतर्कता की जरूरत
फिलहाल बाजार में बनी अनिश्चितता के कारण लोगों में घबराहट देखी जा रही है, हालांकि अधिकारियों का कहना है कि घरेलू ग्राहकों को पैनिक बुकिंग करने की जरूरत नहीं है। गांवों में अभी भी लोग पारंपरिक ईंधन का सहारा ले रहे हैं, लेकिन शिमला जैसे शहरों की आबादी पूरी तरह एलपीजी पर निर्भर है। आने वाले कुछ दिन काफी महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि यदि कच्चे तेल की कीमतों में नरमी नहीं आई, तो यह किल्लत और अधिक गंभीर हो सकती है।
