Dead body of HPPCL Chief Engineer: भाखड़ा बांध में मिला चीफ इंजीनियर का शव, 10 मार्च को हुए थे लापता

Dead body of HPPCL Chief Engineer:  बिलासपुर: हिमाचल प्रदेश के जिला बिलासपुर में हिमाचल प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड के चीफ इंजीनियर विमल नेगी का शव बरामद हुआ है। बताया जा रहा है कि इंजीनियर दस मार्च का लापता हुआ था। उसके बाद घर के सदस्यों ने पुलिस ने गुमशुदगी का ...

Published On:

Dead body of HPPCL Chief Engineer:  बिलासपुर: हिमाचल प्रदेश के जिला बिलासपुर में हिमाचल प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड के चीफ इंजीनियर विमल नेगी का शव बरामद हुआ है। बताया जा रहा है कि इंजीनियर दस मार्च का लापता हुआ था। उसके बाद घर के सदस्यों ने पुलिस ने गुमशुदगी का मामला दर्ज किया हुआ था। उधर पुलिस ने शव को अपने कब्जे में ले लिया हुआ है। उधर पुलिस की ओर से फोरेंसिक टीम को मौके पर बुलाया गया है। टीम मामले से जुड़े हर पहलू की जांच करेगी।

मिली जानकारी के अनुसाार इंजीनियर का शव उस सयम मिली जब मंगलवार सुबह भाखड़ा बांध के गाह घोड़ी में कुछ मछुआरों ने पानी में शव तैरता देखा तो इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दे दी। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर शव को अपने कब्जे में लिया। शव मिलने के बाद विमल नेगी के परिजनों को भी इसकी सूचना दी। ताकि वो आकर उनकी शिनाख्त कर सकें। बताते चलें कि विमल नेगी 10 मार्च को शिमला से टैक्सी लेकर बिलासपुर के घुमारवीं पहुंचे थे। वहां से उन्होंने प्राइवेट टैक्सी को वापस भेज दिया था, जिसके बाद से वह लापता थे।

नेता प्रतिपक्ष ने पावर कारपोरेशन के चीफ इंजीनियर के निधन पर जताया शोक,  जांच की मांग की

नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने पावर कारपोरेशन के चीफ इंजीनियर विमल नेगी के निधन पर शोक प्रकट करते हुए उनके आत्मा की शांति की प्रार्थना करते हुए परिजनों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्ति की। उन्होंने कहा यह बहुत गंभीर मामला है। मैने विधानसभा सत्र के दौरान विमल नेगी जी की तलाश अभियान में तेजी लाने का मामला विधान सभा में उठाया था। लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण तरीके से आज उनका शव मिला है। इस मामले में बहुत सारे तथ्य सामने आ रहे हैं। परिजनों द्वारा भी उच्च अधिकारियों पर दबाव देने के आरोप लगाए जा चुके हैं। ऐसे में इस मामले की निष्पक्षता पूर्वक जांच होनी चाहिए, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि यह हत्या है या आत्महत्या। मुख्यमंत्री से निवेदन है कि वह परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों की गंभीरता से जांच करें और यदि मामले में कोई भी दोषी हो तो उसे किसी सूरत में बख्शा न जाए।