चंबा: नेता अक्सर आलीशान गाड़ियों और सुरक्षा के घेरे में नजर आते हैं, लेकिन हिमाचल प्रदेश में एक ऐसे विधायक भी हैं जो अपनी जनता का दुख-दर्द बांटने के लिए अपनी जान की परवाह किए बिना किसी भी हद तक जा सकते हैं। हम बात कर रहे हैं चंबा के भरमौर-पांगी विधानसभा क्षेत्र से बीजेपी विधायक डॉ. जनक राज (Dr. Janak Raj) की। उनका एक वीडियो इस समय सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहा है, जिसमें वह किसी ट्रेंड फौजी या कमांडो की तरह मुश्किल हालातों का सामना करते नजर आ रहे हैं।
क्या है इस वायरल वीडियो में?
यह वीडियो हाल ही में चंबा में आई आपदा के बाद का है। चंबा का सूलन गांव रावी नदी के कटान के कारण पूरी तरह तबाह हो गया है, और वहां पहुंचने के सभी रास्ते बंद हो चुके हैं। लेकिन अपने लोगों की पीड़ा को महसूस करते हुए विधायक डॉ. जनक राज ने वहां पहुंचने की ठानी। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि रात के अंधेरे में डॉ. जनक राज नंगे पैर, एक पतली सी रस्सी के सहारे एक खतरनाक और कच्ची पहाड़ी पर चढ़ रहे हैं, जहां एक छोटी सी चूक भी जानलेवा साबित हो सकती है। पहाड़ी चढ़ने के बाद भी उनका संघर्ष खत्म नहीं हुआ। इसके बाद वह अपने साथियों के साथ कमर तक पानी में उफनती और तेज बहाव वाली नदी को पार करते हुए गांव तक पहुंचते हैं। आपको बता दें कि हाल ही में हुई भारी बारिश और बाढ़ के कारण सूलन गांव के 9 घर रावी नदी में समा गए हैं और आधा गांव तबाह हो चुका है। कई परिवार बेघर हो गए हैं और उनके पास सिर छिपाने तक की जगह नहीं बची है। इन्हीं प्रभावित परिवारों से मिलने, उनका हाल जानने और उन्हें हर संभव मदद का भरोसा देने के लिए विधायक ने यह खतरनाक रास्ता चुना।
डॉ. जनक राज राजनीति में आने से पहले एक बहुत बड़े और नामी-गिरामी डॉक्टर (सर्जन) रह चुके हैं। उन्होंने डॉक्टरी छोड़कर राजनीति में कदम रखा, लेकिन लोगों की सेवा करने का जज्बा आज भी उनके दिल में जिंदा है। वह आज भी जहां मौका मिलता है, लोगों का इलाज करते हैं और अब एक विधायक के तौर पर वह अपने क्षेत्र के लोगों के लिए हर मुश्किल घड़ी में खड़े नजर आते हैं।
सोशल मीडिया पर हो रही जमकर तारीफ
जैसे ही यह वीडियो सामने आया, लोगों ने डॉ. जनक राज के इस जज्बे को सलाम करना शुरू कर दिया। लोग कह रहे हैं कि ऐसे ही नेता की जनता को जरूरत होती है, जो सिर्फ चुनाव के समय नहीं, बल्कि आपदा और मुश्किल की घड़ी में उनके साथ खड़ा हो। उनका यह वीडियो साबित करता है कि अगर एक जनसेवक चाहे तो वह एसी कमरों से बाहर निकलकर भी जनता की सेवा कर सकता है।