पांगी में गरीब जनता के नाम पर ठेकेदार बने फर्जी गरीब, एसडीएम ने की बड़ी कार्रवाई

पांगी: जिला चंबा के जनजातीय क्षेत्र पांगी में ठेकेदारों का गोरख धंधा इस तरह से सक्रिय है, कि अब फर्जी गरीब बन कर बैठे हुए हैं। इस संबंध में एक बड़ी कार्यवाही उपमंडल अधिकारी पांगी द्वारा की गई है। उन्होंने पांगी की 19 पंचायतों के संरक्षण के दौरान 269 अपात्र परिवारों को बीपीएल सूची से बाहर कर दिया है। जो कि फर्जी गरीब बनकर बैठे हुए थे और गरीब लोगों के नाम पर आने वाली कल्याणकारी योजनाओं का भरपूर आनंद ले रहे थे।

इस संबंध में एसडीएम पांगी विश्रुत भारती को सूचना मिली तो उन्होंन कार्रवाई करते हुए 269 अपात्र परिवारों को बीपीएल सूची से बाहर किया गया है। एसडीएम पांगी ने बताया कि सूची से ऐसे परिवारों को बाहर किया गया है जिनमें ठेकेदार चौपाया वाहन व अन्य कई बिजनेसमैन भी शामिल है। साथ ही उन्होंने बताया कि पांगी घाटी की 19 पंचायतों में जिन भी परिवारों को बाहर निकाला गया है उनमें कुछ ऐसे लोग भी शामिल है जो कि वह सरकारी नौकरी करता है और माता-पिता को अलग करके उन्हें बीपीएल सूची में दर्ज किया है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि एसडीएम पांगी द्वारा बीते दिन विकास खंड अधिकारी पांगी और पंचायत सचिवों के साथ एक बैठक आयोजित की और इस संबंध में दिशा निर्देश जारी किए है।

 

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जिन लोगों को सरकारी सहायता और नौकरी मिली है उन्होंने अपने माता-पिता को अलग करके बच्चों को नौकरी लगवाने के उद्देश्य में अलग करके बीपीएल में नाम दर्ज किया है। उनकी छानबीन की जा रही है। अगर उन्हें लगता है कि वह पात्र है, और उन्हें गलत बाहर निकाला गया है तो 30 दिनों के भीतर वह अपनी आपत्ति एसडीएम कार्यालय पांगी में दर्ज करवा सकते हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पांगी घाटी की 19 पंचायतों में ठेकेदारों द्वारा अपने परिवार के बच्चों को सरकारी नौकरी लगवाने की एवज में खुद को बीपीएल सूची में दर्ज किया हुआ है। पंचायत प्रतिनिधियों के साथ मिलकर इस कार्य को बखूबी अंजाम दिया जा रहा था लेकिन इस बारे में जब उपमंडल अधिकारी को जैसे ही सूचना मिली तो उन्होंने तुरंत कार्रवाई करते हुए फर्जी गरीबों को बीपीएल सूची से बाहर निकाला हुआ है।

क्या कहते है एसडीएम पांगी विश्रुत भारती

पांगी में ऐसे व्यक्ति बीपीएल श्रेणी में थे जोकि पात्र नहीं थे। पंचायत सचिवों, परिवार रजिस्टर और स्वयं छानबीन करके अपात्र परिवारों को बीपीएल सूची से बाहर किया गया है। इनमें ऐसे परिवार भी शामिल थे, जिनके सदस्य सरकारी, अ‌र्द्धसरकारी ठेकेदार बन गए हैं। जिनके पास कार आदि है, उन्हें भी बाहर किया गया है।

इन पंचायतों के इतने परिवारों को निकाला बाहर

किलाड़,43

लुज,30

करेल,34

शून,06

किरयूनी कोठी,10

करयास,27

साहली,09

सुराल,02

हुंदान,16

कुमार,04

पुरथी,06

रेई,09

सेचु,14

साच,36

मिधल,11

धरवास,12

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